4 महीनों में 106 प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड, क्या NCR कर रहा इन्वेस्टर्स को मालामाल

उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP-RERA) ने जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच 106 नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स रजिस्टर किए हैं। यह एक बड़ी संख्या है और इससे एनसीआर में घर या जमीन खरीदने या फिर प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट की प्लानिंग कर रहे बायर्स और इन्वेस्टर्स को ज्यादा ऑप्शन मिलेंगे।

पिछले साल इसी अवधि के दौरान 84 प्रोजेक्ट रजिस्टर हुए थे। इतनी बड़ी संख्या में प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलना इस बात का संकेत है कि एनसीआर के प्रमुख शहरों जैसे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और आस-पास के इलाकों रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से मजबूत हो रहा है।

उत्तर प्रदेश में यूपी-रेरा से अब तक कुल 4192 प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड हो चुके हैं और इनमें से लगभग 42.8 फीसदी पूरे हो चुके हैं। सिक्का ग्रुप के चेयरमैन हरविंदर सिंह सिक्काबता रहे हैं कि एनसीआर में घर खरीदने, इन्वेस्ट करने या फिर कमर्शियल एक्टिविटी करने के लिहाज से आपके लिए इसके क्या मायने हैं।

यह टेबल साफ तौर पर दिखाती है कि उत्तर प्रदेश, खासकर एनसीआर रीजन में रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से ग्रो कर रहा है और नए प्रोजेक्ट्स व सप्लाई लगातार बढ़ रही है। एक्सपर्ट के अनुसार, कुल रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स में से लगभग 42.8 प्रोजेक्ट्स का पूरा होना संकेत है कि डिलीवरी टाइम से हो रही है जोकि खरीदारों के लिए सबसे बड़ी प्रॉब्लम रही है।

NCR के खरीदारों के लिए इसका क्या मतलब है?
एक्सपर्ट के अनुसार, इनमें से ज्यादातर प्रोजेक्ट गौतमबुद्ध नगर जिले में हैं। इसका मतलब है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड हुए हैं। अगर आप इन शहरों में घर खरीदने या इन्वेस्ट की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए अनगिनत अवसर खुलने वाले हैं।

1) मार्केट में मिलेंगे ज्यादा ऑप्शन: यहां पहले से ही कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं और नए प्रोजेक्ट अप्रूव होने के बाद खरीदारों के लिए ऑप्शन बढ़ जाएंगे। अब आपको बजट वाले घर, मिड सेगमेंट अपार्टमेंट और प्रीमियम घरों के ज्यादा और बेहतर ऑप्शन मिल सकते हैं।

2) ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी, धोखाधड़ी का कम खतरा: सभी प्रोजेक्ट रेरा से रजिस्टर्ड हैं और इस कानून के तहत बिल्डर्स को लीगल अप्रूवल, टाइम लाइन, लेआउट आदि की डिटेल्स देनी पड़ती हैं जिससे खरीदारों को धोखाधड़ी का रिस्क कम होता है।

3) खरीदारों में बढ़ता है भरोसा: राज्य में अधिकतर प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे हो गए हैं और खरीदारों को समय पर डिलीवरी मिली है। इससे खरीदारों में डेवलपर्स को लेकर भरोसा मजबूत बनता है।

NCR में किस लोकेशन पर हैं ये प्रोजेक्ट?
इनमें से अधिकतर प्रोजेक्ट एनसीआर में पहले से मजबूत नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे और गाजियाबाद जैसे शहरों में हैं। इन शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से मजबूत हो रहा है। यहां मेट्रो, एक्सप्रेसवे और अब नोएडा एयरपोर्ट शुरू होने से नए प्रोजेक्ट्स की संख्या बढ़ रही है और साथ में डिमांड भी। यह शहर एंड-यूजर्स और इन्वेस्टर्स दोनों के लिए हॉट-स्पॉट बने हुए हैं।

क्या इससे NCR में प्रॉपर्टी की कीमतों पर असर पड़ेगा?
एक्सपर्ट के अनुसार, इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में प्रोजेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन होना इस बात का संकेत है कि

एनसीआर खासकर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में डिमांड तेजी से बढ़ रही है और डेवेलपर्स को यहां फायदा नजर आ रहा है

एनसीआर में बहुत ज्यादा तो नहीं लेकिन धीरे-धीरे प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ रही हैं

अच्छी लोकेशन की वजह से रेंटल की डिमांड भी बढ़ रही है

डेवलपर्स के बीच कम्पटीशन बढ़ने से खरीदारों को बेहतर डील्स और ऑप्शन मिल रहे हैं

क्या NCR में प्रॉपर्टी खरीदने का यह सही समय है?
एक्सपर्ट के अनुसार, अगर आप एंड-यूजर्स हैं, तो एनसीआर में प्रॉपर्टी खरीदने का यह समय एकदम सही है। इसकी वजह यह है कि आपके पास अनगिनत ऑप्शन हैं, प्रोजेक्ट रेरा से अप्रूव्ड हैं, तो धोखाधड़ी का रिस्क भी कम है और सबसे बड़ी बात यह प्रोजेक्ट पहले से विकसित शहरों में हैं जिससे आने वाले समय में प्रॉपर्टी की वैल्यू बढ़ने के पूरे चांस हैं।

क्या आपको NCR में इन्वेस्ट करना चाहिए?
एक्सपर्ट के अनुसार, अगर आप NCR इन्वेस्ट की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह आपके लिए अच्छा मौका हो सकता है। इसके लिए थोड़ी प्लानिंग करें और ऐसे उभरते हुए इलाकों का चयन करें, जहां आप लॉन्ग टर्म के इन्वेस्ट कर सकते हैं क्योंकि अगर आप मार्केट की डिमांड को समझकर फैसला लेते हैं, तो आपको बेहतर रिटर्न मिल सकता है।