UP Live News: गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। अगले लगभग 15 दिनों तक इस मार्ग पर कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। टोल दरों का प्रस्ताव तैयार है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही लागू कर दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भीषण गर्मी और ‘हीट वेव’ को देखते हुए श्रमिकों के लिए नए कार्य-घंटे निर्धारित किए हैं। इसके साथ ही प्रदेश स्तरीय कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर (1800-180-5160) भी जारी किए गए हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे पर 15 दिन फ्री सफर, जानें कब से टोल टैक्स लगेगा
गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। अगले लगभग 15 दिनों तक इस मार्ग पर कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। टोल दरों का प्रस्ताव तैयार है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही लागू कर दिया जाएगा।
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मई दिवस पर योगी सरकार के कई ऐलान, श्रमिकों को दोपहर में 5 घंटे आराम
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भीषण गर्मी और ‘हीट वेव’ को देखते हुए श्रमिकों के लिए नए कार्य-घंटे निर्धारित किए हैं। इसके साथ ही प्रदेश स्तरीय कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर (1800-180-5160) भी जारी किए गए हैं।
हाई टेंशन तार गिरने से दो मासूम बच्चियां झुलसीं, बाल-बाल बचीं
बलरामपुर के नगर पंचायत गैसड़ी के वार्ड नंबर 13 में शुक्रवार सुबह हाई टेंशन तार टूटकर गिरने से दो बच्चियां झुलस गईं। गनीमत रही कि लाइट कटने से बड़ा हादसा टल गया। दोनों घायल बच्चियों को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे वार्ड नंबर 13 में ट्यूबवेल के सामने हाई टेंशन लाइन का तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया। उस समय वहां खेल रही मसीहुल्लाह की 6 वर्षीय पुत्री ईरम और सद्दाम हुसैन की 5 वर्षीय पुत्री सनाया तार की चपेट में आ गईं। करंट लगने से दोनों बच्चियां बुरी तरह झुलस गईं। परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें निजी अस्पताल पहुंचाया।
असामयिक बारिश से ईंट भट्ठों को भारी नुकसान, खुले आसमान तले सूख रही कच्ची ईंटें गलकर नष्ट
बलरामपुर में ब्लॉक हरैय्या सतघरवा अंतर्गत ललिया क्षेत्र में हुई असामयिक बारिश ने ईंट भट्ठा संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। खुले आसमान तले धूप में सुखाने के लिए रखी गई कच्ची ईंटें अचानक हुई तेज बारिश में भीगकर गलकर नष्ट हो गईं है जिससे लाखों रुपये की क्षति हुई है।
बताया जाता है कि ईंट निर्माण की प्रक्रिया में कच्ची ईंटों को कई दिनों तक खुले मैदान में कतारबद्ध तरीके से सुखाया जाता है। इसी दौरान मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश इतनी अचानक हुई कि भट्ठा संचालकों को ईंटों को ढकने या सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का अवसर नहीं मिल सका जिसके चलते बड़ी संख्या में कच्ची ईंटें भीगकर नष्ट हो गईं।