लखनऊ। उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और इसी बीच घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक आने वाले घंटों में कोहरा और अधिक घना हो सकता है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो जाएगी और सड़क, रेल व हवाई यातायात पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है. विभाग के मुताबिक अभी कुछ दिनों तक ऐसी की कड़कड़ाती ठंड जारी रहेगी.
ये हैं रेड अलर्ट वाले जिले
मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए रेड वार्निंग जारी की है, वहां हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक बताए जा रहे हैं. इन जिलों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम रहने की संभावना है, जिसे ‘वेरी डेंस फॉग’ की श्रेणी में रखा गया है. रेड अलर्ट वाले जिलों में अंबेडकर नगर, अमेठी, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बाराबंकी, बरेली, देवरिया, जौनपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कौशांबी, कुशीनगर, महराजगंज, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, सहारनपुर, संत रविदास नगर (भदोही), श्रावस्ती, सुल्तानपुर और वाराणसी शामिल हैं.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इन इलाकों में कोहरे की चादर इतनी घनी हो सकती है कि सुबह और देर रात के समय कुछ भी दिखाई देना मुश्किल हो जाएगा. सड़कों पर वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. खासकर हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाओं की आशंका काफी बढ़ जाती है. पहले से ही कई जिलों में कोहरे के कारण छोटे-बड़े हादसों की खबरें सामने आ रही हैं.
कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
वहीं, मौसम विभाग ने प्रदेश के कई अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है. इन इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जहां दृश्यता 200 मीटर से 50 मीटर के बीच रह सकती है. ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में औरैया, बलरामपुर, बस्ती, बिजनौर, चंदौली, इटावा, फतेहपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, जालौन, कन्नौज, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, मऊ, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, सीतापुर और उन्नाव शामिल हैं.
रेंग कर चल रही गाड़ियां
कोहरे का सबसे ज्यादा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है. कई जिलों में सुबह के समय वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं. हाईवे पर चलने वाले भारी वाहन, बसें और ट्रक बेहद धीमी गति से चल रहे हैं. रेलवे ट्रैक पर भी कोहरे का असर साफ दिखाई दे रहा है. कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, वहीं कुछ ट्रेनों को ऐहतियातन रोका भी गया है. यात्रियों को स्टेशनों पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.
हवाई यातायात भी प्रभावित
हवाई यातायात भी कोहरे की चपेट में है. लखनऊ, वाराणसी और अन्य बड़े शहरों के हवाई अड्डों पर दृश्यता कम होने के कारण उड़ानों के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं. कई फ्लाइट्स लेट हो रही हैं, तो कुछ को डायवर्ट या कैंसिल भी करना पड़ सकता है. एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति जरूर जांच लें.
कोहरे का असर सिर्फ यातायात तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनजीवन पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है. ठंड और नमी के कारण बुजुर्गों और बच्चों की सेहत पर खतरा बढ़ गया है. अस्पतालों में सर्दी, खांसी, सांस की तकलीफ और आंखों में जलन जैसी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में खास सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. कृषि क्षेत्र पर भी मौसम का असर देखा जा रहा है. रबी की फसलों पर कोहरे और ठंड का मिश्रित प्रभाव पड़ सकता है. कुछ फसलों के लिए हल्का कोहरा लाभकारी माना जाता है, लेकिन लगातार घना कोहरा और अधिक नमी फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती है. कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे अपनी फसलों पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर उचित उपाय करें.