लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को लखनऊ के अबंडेकर मैदान स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर एक विशाल रैली का आयोजन किया। यह रैली बसपा के लिए एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन साबित हुई, जिसमें बिहार, पंजाब, हरियाणा समेत उत्तर प्रदेश के बाहर के पांच राज्यों से लाखों समर्थक जुटे। इस रैली में मायावती ने सभी विपक्षी पार्टियों को जमकर लताड़ा। धुर विरोधी सपा समेत, कांग्रेस और बीजेपी तक इससे अछूते नहीं रहे। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि बीजेपी की राजनीति को जातिवादी बताते हुए भी उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ की।
उन्होंने कहा, मैं वर्तमान योगी आदित्यनाथ की सरकार की बहुत-बहुत आभारी हूं क्योंकि इस सरकार ने कांशीराम स्मारक स्थल को देखने आने वाले लोगों के खरीदे गए टिकटों का पैसा पूर्व की समाजवादी पार्टी की तरह दबाकर नहीं रखा। बल्कि पार्टी के आग्रह करने पर इसकी मरम्मत में खर्च किया है। योगी सरकार ने हमसे वादा किया हम टिकटों का पैसा किसी और काम में नहीं लगाएंगे, इसके रखरखाव में लगाएंगे।
इसी क्रम में मायावती ने सपा के पीडीए के नारे को खोखला और झूठ बताते हुए कहा कि जब ये लोग सत्ता से बाहर होते हैं उसी समय इन्हें पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों की याद आती है। असल में ये सभी जातिवादी दल चुनाव के समय अंदर से एक हो जाते हैं और बसपा के दलित वोट काटते हैं ताकि बसपा सत्ता में न आ सके।
मायावती सपा के शासनकाल को गुंडों का शासन बताने से नहीं चूकीं। उनहोंने कहा, सपा ने अपनी सरकार में गुंडो, बदमाशों, माफियाओं को ही बढ़ावा दिया। पूरी कानून-व्यवस्था चरमरा गई थी। इतना ही नहीं मायावती ने आरोप लगाया कि सपा का चरित्र इतना दोगला है कि बसपा सरकार के दौरान जो योजनाएं और कार्यक्रम बहुजन और दलित समाज के लिए शुरू किए गए थे उन्हें नाम बदलकर लागू किया। बहुत सी कल्याणकारी योजनाएं बंद कर दी गईं।