सहारनपुर में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़, छापेमारी के दौरान आरोपितों ने किया हंगामा

सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी टीम ने सहारनपुर में छापेमारी कर भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने वहां से एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त की है। कार्रवाई के दौरान हंगामा भी हुआ। टीम ने खुद को कमरे में बंद कर आरेापितों से बचाया। आरोप है कि एक व्यक्ति जो खुद को भारतीय किसान यूनियन से जुड़ा बता रहा था। उसने लोगों के साथ मिलकर कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की।

स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिल रही थी कि पानीपत के यामिन खान नाम का दलाल गर्भवती महिलाओं की अवैध भ्रूण लिंग जांच कराने का नेटवर्क चलाहै। सिविल सर्जन डॉ. अनुराधा जैन ने नोडल अधिकारी डॉ. योगेश दहिया के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम ने एक डमी ग्राहक के माध्यम से जाल बिछाया। आरोप है कि यामिन खान ने जांच कराने के लिए 30 हजार रुपये ऑनलाइन और 20 से 25 हजार रुपये नकद मांगे।

योजना के तहत 22 जून को 30 हजार रुपये उसके खाते में भेजे गए। अगले दिन सुबह गर्भवती महिला और एक महिला सहायक को पानीपत बस स्टैंड भेजा गया, जहां से यामिन खान 22 हजार रुपये नकद लेकर उन्हें सहारनपुर के नागल के रेलवे रोड पर ले गया। वहां सलेलता नामक महिला और अंकित नामक व्यक्ति ने महिला को सोमवाल नर्सिंग होम पहुंचाया।

आरोप है कि नर्सिंग होम संचालक डा. अर्चना सोमवाल ने एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से जांच की और बाद में महिला को सामने स्थित एक अन्य अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भेज दिया। सूचना मिलने के बाद सहारनपुर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, ड्यूटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में संयुक्त छापेमारी की गई।

नर्सिंग होम से एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन चालू हालत में मिली, जबकि उसके दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सकें। एक अन्य अल्ट्रासाउंड मशीन पहले से सील मिली। कार्रवाई के दौरान सलेलता से 10 हजार रुपये और यामिन खान से 11,500 रुपये बरामद किए गए।

हंगामा कर आरोपितों को छुड़ाने का प्रयास
टीम का आरोप है कि छापेमारी की सूचना फैलते ही आसपास के कई अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद हो गए। इसी दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग नर्सिंग होम में पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। टीम के अनुसार भीड़ ने मशीन और पकड़े गए आरोपितों को छुड़ाने की कोशिश की। टीम का आरोप है कि लोगों ने सरकारी वाहनों की चाबियां भी छीन लीं और अधिकारियों को धमकियां दीं। बाद में पुलिस सुरक्षा के बीच मशीन और दो आरोपितों को थाने ले जाया गया।

सहारनपुर पुलिस पर भी आरोप, कार्रवाई में लापरवाही
आरोप है कि हंगामे की सूचना देने के बाद भी पुलिस करीब डेढ़ से दो घंटे बाद मौके पर पहुंची। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि सभी दस्तावेजी कार्रवाई पूरी होने और मशीन व नकदी सील किए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद टीम जिला अधिकारी सहारनपुर अरविंद कुमार चौहान से मिलने उनके आवास पर भी पहुंची, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। देर रात टीम को वापस सोनीपत लौटना पड़ा।