यूपी में चार बस अड्डे बनेंगे हाईटेक, 257 करोड़ से मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं

हरदोई। उत्तर प्रदेश सरकार ने बस अड्डों के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हरदोई परिक्षेत्र के चार प्रमुख बस अड्डों को हाईटेक परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना को मंजूरी दे दी है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर बनने वाले इन बस अड्डों पर कुल 257 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इस योजना के तहत हरदोई, लखीमपुर खीरी के गोला तथा सीतापुर के नैमिषारण्य और सिधौली बस अड्डों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जहां यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

परियोजना के तहत हरदोई डिपो बस अड्डे को लगभग 9,840 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिस पर करीब 123 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लखीमपुर खीरी के गोला डिपो बस अड्डे का निर्माण 8,390 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में किया जाएगा, जिसकी लागत 39 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।

वहीं, सीतापुर के नैमिषारण्य डिपो बस अड्डे को 5,600 वर्ग मीटर में 62 करोड़ रुपये की लागत से और सिधौली डिपो बस अड्डे को 2,900 वर्ग मीटर में 33 करोड़ रुपये खर्च कर विकसित किया जाएगा।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक बस अड्डों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन केंद्रों में बदलना है, ताकि यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिल सके। प्रस्तावित बस अड्डों का डिजाइन एयरपोर्ट की तर्ज पर तैयार किया जाएगा, जहां साफ-सफाई, सुरक्षा और आराम का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

नए बस अड्डों में यात्रियों के लिए वातानुकूलित प्रतीक्षालय, विश्रामगृह और वीआईपी लाउंज जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट, फूड कोर्ट और वातानुकूलित सिनेमा हॉल जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे यात्रियों को एक ही स्थान पर सभी जरूरी सेवाएं मिल सकें। डिजिटल सुविधाओं को भी इस योजना में प्रमुखता दी गई है।

यात्रियों की सुविधा के लिए रियल-टाइम बस ट्रैकिंग सिस्टम, ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट सिस्टम और ऑनलाइन टिकट बुकिंग की व्यवस्था की जाएगी। बसों के आगमन और प्रस्थान की जानकारी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शित की जाएगी, जिससे यात्रियों को समय पर सटीक जानकारी मिल सके।