फरीदाबाद। फरीदाबाद में यमुना नदी के किनारे को लेकर लंबे समय से चले आ रहे हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच सीमा विवाद को खत्म करने के लिए अब बाउंड्री पिलर लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
दोनों राज्यों की सरकारों की ओर से यह निर्णय लिया गया है कि सीमा को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जाए, ताकि भविष्य में जमीन और खेती को लेकर होने वाले विवादों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। यह कार्य यमुनानगर से लेकर होडल तक यमुना के किनारे-किनारे किया जा रहा है। इसी कड़ी में फरीदाबाद जिले में भी सीमा चिन्हित करने का काम जारी है। जिले में लगभग 40 किलोमीटर क्षेत्र में सीमा निर्धारित करने के लिए बाउंड्री पिलर लगाए जा रहे हैं। यह काम लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है। बसंतपुर से लेकर मोहना तक कुल 159 बाउंड्री पिलर लगाने की योजना बनाई गई है।
पीडब्ल्यूडी के एक्सएन प्रकाश लाल जानकारी देते हुए यूपी सरकार की ओर से भी लगाए जा रहे पिलर इन पिलरों को इस तरह लगाया जा रहा है कि दोनों राज्यों की सीमा स्पष्ट रूप से चिन्हित हो सके। वहीं, उत्तर प्रदेश की ओर से भी इतनी ही संख्या में पिलर लगाए जा रहे हैं, जिससे दोनों राज्यों की सीमा एक समान तरीके से तय हो सके। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन प्रकाश लाल ने बताया कि विभाग की ओर से ऑड नंबर वाले पिलर लगाए जा रहे हैं, जबकि बाकी पिलर उत्तर प्रदेश की ओर से लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अब तक फरीदाबाद क्षेत्र में 138 बाउंड्री पिलर लगाए जा चुके हैं। इन पिलरों की ऊंचाई करीब छह फुट रखी गई है, ताकि वे स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकें और लंबे समय तक सुरक्षित रह सकें।
यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर लगाए गए पिलर की फोटो। यूपी- हरियाणा के किसानों में होता रहा है विवाद अधिकारियों के अनुसार, यमुना से सटे इलाकों में खेती करने वाले यूपी-हरियाणा के किसानों के बीच अक्सर जमीन और सीमा को लेकर विवाद हो जाता था। सीमा स्पष्ट न होने के कारण यह समस्या वर्षों से बनी हुई थी। इसी समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए दोनों राज्यों की सरकारों ने मिलकर सीमा पर पक्के बाउंड्री पिलर लगाने का फैसला लिया। इन पिलरों पर नंबर के साथ-साथ स्थान की जानकारी भी अंकित की जा रही है, जिससे यह स्पष्ट रहेगा कि कौन सा पिलर किस स्थान पर स्थापित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्य को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। बाउंड्री पिलर लगने के बाद किसानों को अपनी जमीन की सही सीमा का पता चल सकेगा और भविष्य में होने वाले विवादों में भी काफी कमी आने की उम्मीद है।