यूपी में कॉर्नर प्लॉट के नाम पर फर्जीवाड़े का खेल खत्म, जान लें नया आदेश!

उत्तर प्रदेश शासन के हाउसिंग एंड अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट ने घर खरीदारों और रियल एस्टेट निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए अहम आदेश जारी किया है. अक्सर देखने में आता है कि बिल्डर या प्रॉपर्टी डीलर किसी प्राइवेट रास्ते, इंटरनल सर्विस पैसेज या अनाधिकृत कॉलोनियों के संकरे रास्तों पर स्थित जमीन को कॉर्नर प्लॉट बताकर ग्राहकों से ज्यादा कीमत वसूलते हैं. हालांकि, नए शासनादेश ने इस खेल को खत्म कर दिया है.

कॉर्नर प्लॉट के लिए अहम नियम
यूपी हाउसिंग एंड अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट के नए गवर्नमेंट ऑर्डर के मुताबिक कॉर्नर प्लॉट के लिए प्रस्तावित भूमि तक पहुंच का साधन केवल सार्वजनिक गली या सड़क ही होना चाहिए.

उत्तर प्रदेश शासन के हाउसिंग एंड अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट ने घर खरीदारों और रियल एस्टेट निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए अहम आदेश जारी किया है. अक्सर देखने में आता है कि बिल्डर या प्रॉपर्टी डीलर किसी प्राइवेट रास्ते, इंटरनल सर्विस पैसेज या अनाधिकृत कॉलोनियों के संकरे रास्तों पर स्थित जमीन को कॉर्नर प्लॉट बताकर ग्राहकों से ज्यादा कीमत वसूलते हैं. हालांकि, नए शासनादेश ने इस खेल को खत्म कर दिया है.

कॉर्नर प्लॉट के लिए अहम नियम
यूपी हाउसिंग एंड अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट के नए गवर्नमेंट ऑर्डर के मुताबिक कॉर्नर प्लॉट के लिए प्रस्तावित भूमि तक पहुंच का साधन केवल सार्वजनिक गली या सड़क ही होना चाहिए.

पहले क्या होता था

प्राइवेट रास्तों या अनाधिकृत संकरे रास्तों को किसी भी स्थिति में कॉर्नर प्लॉट के वैध मार्ग के तौर पर मान्यता नहीं दी जाएगी.
अगर आपके प्लॉट के बगल से गुजरने वाला रास्ता सरकारी नहीं है या सरकार उसकी देखरेख नहीं करती है, तो अथॉरिटी आपको कॉर्नर प्लॉट वाले फायदे और मंजूरी नहीं देगी.
पहले नियमों की अस्पष्टता के कारण बिल्डर या डीलर इन प्राइवेट और संकरे रास्तों पर स्थित जमीन को भी आसानी से कॉर्नर प्लॉट का दर्जा दे देते थे.

सब डिविजन और अमलगमेशन में फीस नहीं
सरकारी आदेश के मुताबिक यह साफ किया गया है कि ले-आउट के बाहर स्थित क्षेत्रों में प्लॉट के सब डिविजन और अमलगमेशन पर कोई शुल्क देय नहीं होगा.

FAR की मिलेगी मंजूरी

पहले ऑफिस के इस्तेमाल के लिए सड़क की चौड़ाई को लेकर विरोधाभास था. अब इसे लेकर भी नियम को साफ किया गया है.
12 मीटर से लेकर 24 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर ऑफिस के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) की मंजूरी मिलेगी.
टाउनशिप नीति-2023 के तहत ले-आउट में रास्तों की चौड़ाई के लिए फिलहाल प्रभावी बिल्डिंग बायलॉज 2025 के मानकों का ही अनुपालन किया जाएगा.