उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुशियों का पिटारा खोल दिया है। रविवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘युवा सहकार सम्मेलन’ और ‘यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो 2025’ के दौरान सीएम योगी ने खेती-किसानी को नई ताकत देने के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा की। सरकार अब किसानों को मिलने वाले लोन के ब्याज बोझ को आधा करने जा रही है।
सीएम योगी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (LDB) के माध्यम से किसानों को मिलने वाले कर्ज पर लगभग साढ़े 11 प्रतिशत ब्याज देना पड़ता है, जो किसानों के लिए काफी ज्यादा है। अब सरकार ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ के तहत इसे घटाकर मात्र 6 प्रतिशत करने जा रही है। ब्याज के इस अंतर की भरपाई राज्य सरकार खुद करेगी।
‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन को-ऑपरेटिव’ तक
पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों की नीति ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ पालने की थी, जिसके कारण को-ऑपरेटिव क्षेत्र पूरी तरह बर्बाद हो गया था और किसानों की करोड़ों की पूंजी फंस गई थी।
बदलाव की बयार: योगी सरकार ने न केवल किसानों का पैसा वापस कराया, बल्कि अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन को-ऑपरेटिव बैंक’ के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
बलरामपुर को तोहफा: बलरामपुर में नए जिला को-ऑपरेटिव बैंक के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
को-ऑपरेटिव बैंकों ने कमाया भारी मुनाफा
सहकारिता क्षेत्र की मजबूती का प्रमाण देते हुए सीएम ने बताया कि वर्ष 2024-25 में को-ऑपरेटिव बैंकों ने 162 करोड़ 2 लाख रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है। अब सरकार की योजना है कि प्रदेश में फर्टिलाइजर, केमिकल और पेस्टिसाइड के कुल वितरण का कम से कम आधा हिस्सा को-ऑपरेटिव से जुड़ी ‘एम-पैक्स’ (M-PACS) के जरिए ही किसानों तक पहुंचे।
उपलब्धियों का सम्मान और नई पुस्तक का विमोचन
इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग की नई उपलब्धियों और नवाचारों पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया। साथ ही, सहकारिता के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।