सक्रिय मानसून के प्रभाव से मंगलवार सुबह से ही वेस्ट यूपी में मेरठ और आसपास के जिलों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही वर्षा ने पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी है और मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
लगातार बारिश के कारण शहर की कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भी बारिश के कारण दृश्यता कम रही, जिससे वाहन चालकों को दिन में ही हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। कई स्थानों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही।
बारिश का सबसे अधिक असर बाजारों और दैनिक गतिविधियों पर देखने को मिला। सुबह के समय लोग छाता और रेनकोट लेकर घरों से निकले। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी।
किसानों के लिए यह बारिश लाभदायक साबित हो रही है। धान सहित खरीफ की फसलों के लिए यह वर्षा वरदान जैसी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे तक मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है। विभाग ने लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
सहारनपुर में भारी बारिश, निचले इलाकों ूमें भरा पानी
जिले में सोमवार देर रात और मंगलवार सुबह हुई तेज बारिश ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित कर दिया। मूसलाधार बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कें और निचले इलाके जलमग्न हो गए, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह कार्यालय, स्कूल और बाजार जाने वाले लोगों को जलभराव के बीच होकर गुजरना पड़ा। बारिश के चलते शहर की कई कॉलोनियों और मुख्य मार्गों पर पानी भर गया। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटे तक जिले में बारिश रहने की संभावना है।
मुजफ्फरनगर में तेज बारिश, खेतों में भरा सोलानी नदी का पानी
मंगलवार को हुई तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया। लगातार बरसात के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। प्रमुख सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में पानी भरने से लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में फंस गए, जबकि पैदल चलने वाले लोगों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जलभराव वाले क्षेत्रों में जल्द राहत कार्य कराने और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। भोपा में शुकतीर्थ जाने वाले मार्ग पर भी पानी भर गया है और सोलानी नदी का पानी खेतों में भरना शुरू हो गया है।
बिजनौर में झमाझम बारिश, कई जगह जलभराव
मंगलवार सुबह से जिलेभर में झमाझम बारिश हो रही है। सबसे ज्यादा बारिश बिजनौर और धामपुर में दर्ज की गई। बारिश के कारण बिजनौर की आवास विकास कॉलोनी में जलभराव हो गया। वहीं किरतपुर रोड पर भी तालाब जैसे हालात हो गए। मौसम विभाग की मानें तो पिछले 24 घंटे में 80 एमएम से ज्यादा बारिश हो चुकी है।
शामली में भारी बारिश, शहर से गांव तक पानी भरने से मुसीबत
मंगलवार सुबह जिले में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत मिली, लेकिन शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जलभराव की समस्या भी सामने आ गई। गांव कुड़ाना में गलियों में घुटनों तक पानी भर गया। शहर में भी बारिश ने नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। नाला पटरी, बुढ़ाना रोड और सीबी गुप्ता कॉलोनी में जलभराव हो गया। पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। कई दोपहिया वाहन पानी में फंस गए, जबकि पैदल आने-जाने वालों को भी जलभराव से होकर गुजरना पड़ा।
मंगलवार सुबह से हो रही तेज बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दिलाई। बारिश के कारण निचले इलाकों में दुकानों व घरों में पानी भर गया, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। शहर से लेकर गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। वहीं दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर दो फीट पानी भरने के कारण वाहन खराब हो गए। कई बाइक सवार जलभराव में गिरकर घायल हुए तो लोगों ने गाड़ियों में धक्का लगाकर बाहर निकाला। वहीं अंडरपास में पानी भरने से वाहन चालकों व लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश से जहां सब्जियों की फसल को नुकसान है, तो वहीं ईख, धान व ज्वार की फसल को लाभ पहुंचा है।