लखनऊ: बीजेपी ने पंचायत और विधानसभा चुनावों की बिसात पश्चिम यूपी से बिछाने की शुरुआत कर दी है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपने दौरों की शुरुआत पश्चिम से ही शुरू की है. इसके पीछे बीजेपी की बड़ी रणनीति है. बीजेपी पश्चिम यूपी के किले को पूरी तरह से अभेद्य बनाने में जुटी हुई है.
पश्चिम के सियासी दुर्ग को और मजबूत करने में जुटी बीजेपी
वर्ष 2022 विधानसभा चुनावों में पश्चिम यूपी में किसान आंदोलन चल रहा था और आरएलडी भी सपा के साथ थी, इसके बावजूद बीजेपी ने अकेले दम पर जाट लैंड यानि कि पश्चिम यूपी की 125 विधानसभा सीटों में से 96 सीटें जीती थीं यानी कि पश्चिम की जमीन बीजेपी के लिए सियासी लिहाज से हमेशा उर्वरक है. अब बीजेपी के साथ आरएलडी भी है. ऐसे में बीजेपी पश्चिम के सियासी दुर्ग को और मजबूत करने में जुट गई है।
बांके बिहारी मंदिर में माथा टेका
हालांकि पश्चिम यूपी में वर्ष 2024 लोकसभा चुनावों में आरएलडी के साथ होने के बावजूद बीजेपी का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा, जिसे बीजेपी नेतृत्व गंभीरता से ले रहा है. यही वजह है कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कमान संभालते ही अपने दौरों की शुरुआत बांके बिहारी मंदिर में माथा टेक कर की है.
पंकज चौधरी ने अध्यक्ष बनने के बाद पहले ही दौरे में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब प्रदेश अध्यक्ष पद पर उनके नाम की घोषणा हुई तो कहीं न कहीं पश्चिम के लोगों को लगता था कि अध्यक्ष तो पूरब के हैं, पश्चिम पर ध्यान नहीं देंगे. इसलिए अपनी पहली यात्रा बांके बिहारी के दर्शन कर ब्रज क्षेत्र से शुरू करने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि 2027 में हमें 2017 का रिकॉर्ड तोड़ना है. इसके लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करना होगा. ब्रज क्षेत्र की ताकत को वह जानते हैं। आपका सहयोग आवश्यक है.
लखनऊ में जो हुआ वह….
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने लखनऊ में ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर कहा कि मैंने कड़े शब्दों में संदेश दिया है कि BJP सर्व समाज की पार्टी है. लखनऊ में जो हुआ वह दोबारा न हो. भाजपा राष्ट्रवादी पार्टी है। अगर लखनऊ जैसा दोहराया गया तो पार्टी के संविधान के अनुसार इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा.