योगी सरकार के मंत्री सोमेंद्र तोमर पर सनसनीखेज आरोप, एक दिन में ही अनुमति और बैनामे

मेरठ। प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर आरोपों के घेरे में हैं। दो अलग अलग लोगों ने उनपर आरोप लगाए हैं। अधिवक्ता और एंटी करप्शन एक्टीविस्ट संदीप पहल ने आनन फानन में दलितों के पट्टों की भूमि की खरीद करने, इसके लिए एक दिन में ही अनुमति लेने और उसी बैनामें भी करा लेने का आरोप लगाया गया है। वहीं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने पांच साल में राज्यमंत्री और उनकी पत्नी की संपत्ति तीन गुना हो जाने पर सवाल उठाते हुए लोकायुक्त उत्तर प्रदेश से शिकायत करके जांच और कार्रवाई की मांग की है।

एडवोकेट संदीप पहल ने पत्रकार वार्ता में ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर द्वारा वर्ष 2013 और 2024 में अपने शांति निकेतन ट्रस्ट के नाम 11 बैनामों के माध्यम से खरीदी गई दलितों के पट्टों की भूमि पर सवाल उठाए हैं। संदीप पहल ने आरोप लगाया कि सोमेंद्र तोमर इस ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं।

उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करके अनुसूचित जाति के लोगों को आवंटित पट्टों की भूमि को खरीदने के लिए चिकित्सा जांच करने वाले चिकित्सकों, बिक्री की अनुमति देने वाले प्रशासनिक अधिकारी को प्रभाव में लेकर काम कराया। आरोप लगाया कि भूमि की यह खरीद उसी क्षेत्र में मेरठ विकास प्राधिकरण की नई कालोनी की स्थापना की सूचना पर की गई।

उन्होंने सबसे पहले पट्टे की 07 जमीनों से जुड़े 33 लोगों को लाकर एक ही दिन में सभी से एग्रीमेंट कराया। इसके बाद एक दिन में सभी पट्टाधारकों का मेडिकल कराया। उसके अगले ही दिन 13 सितंबर 2024 को जिला प्रशासन से पट्टे की जमीन की बिक्री की अनुमति प्राप्त करके उसी दिन पट्टे की 10 जमीनों के बैनामे भी करा लिए। इन बैनामों के माध्यम से उन्होंने 38,680 वर्ग गज जमीन की खरीद की। जिसकी कीमत के रूप में 6.85 करोड़ रुपया का भुगतान किया गया और 30 लाख रुपये स्टांप शुल्क भी दिया गया। एमडीए की कालोनी का शिलान्यास होते ही इस भूमि का दाम पांच गुना हो गया है। सवाल उठाया कि जमीन खरीद के लिए यह करोड़ों रुपये उनके पास आये कहां से?

वहीं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त के सामने परिवाद प्रस्तुत करके आरोप लगाया है कि प्रदेश के ऊर्जा राज्य मंत्री और मेरठ दक्षिण से विधायक सोमेंद्र तोमर तथा उनकी पत्नी की वर्ष 2017 से 2022 के बीच संपत्ति तीन गुना बढ़ गई है।

आरोप लगाया है कि वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में नामांकन के साथ आय और संपत्ति संबंधी शपथपत्रों में दर्ज है कि उनकी कुल संपत्ति 72 लाख रुपये थी जो कि पांच साल में 2.13 करोड़ दर्ज की गई है। यह तीन गुना है। सोमेंद्र तोमर के शांति निकेतन ट्रस्ट, विनायक एजुकेशनल ट्रस्ट, नीलकंठ एजुकेशनल ट्रस्ट और सांई एजुकेशनल ट्रस्ट के नाम से बड़ी संख्या में संपत्ति खरीदे जाने के आरोपों की जांच की भी उन्होंने मांग लोकायुक्त से की है। इन जमीनों में अनुसूचित जाति के लोगों की पट्टों की जमीन खरीदने का आरोप भी उन्होंने लगाया है।