उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट विस्तार के चार दिन बाद तक विभागों का बंटवारा नहीं हो सका है. विभागों के बंटवारे पर अटकलों के बीच राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात प्रस्तावित है.
जानकारी के अनुसार सीएम योगी और गृह मंत्री के बीच 3 बजे मुलाकात होगी. 10 मई को 6 नेताओं ने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली थी. यूपी में आंधी-बारिश और बिजली गिरने से भारी तबाही, CM योगी ने 24 घंटे में मुआवजा देने के दिए निर्देश
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार कर राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को साधने का बड़ा संदेश दिया है. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छह नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई, जबकि दो राज्यमंत्रियों को प्रमोट किया गया. सबसे पहले पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली.
इसके बाद समाजवादी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए मनोज पांडेय को मंत्री बनाया गया. वहीं सुरेंद्र दिलेर, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली. इसके अलावा राज्यमंत्री अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर को प्रमोशन देकर सरकार ने संगठनात्मक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है.
भूपेंद्र चौधरी की ताजपोशी को भी अहम माना जा रहा
शपथ ग्रहण के बाद कृष्णा पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार और तेजी से काम करेगी. बीजेपी के इस मंत्रिमंडल विस्तार को पार्टी की सामाजिक इंजीनियरिंग रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. नए मंत्रियों में एक ब्राह्मण, तीन ओबीसी और दो दलित चेहरे शामिल किए गए हैं.
खासतौर पर सपा के प्रभावशाली ब्राह्मण नेता रहे मनोज पांडेय को मंत्रिमंडल में शामिल कर बीजेपी ने ब्राह्मण वोट बैंक को साधने का संदेश देने की कोशिश की है. वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश और जाट राजनीति के लिहाज से भूपेंद्र चौधरी की ताजपोशी को भी अहम माना जा रहा है.