लखनऊ। प्रदेश में मानसून की सक्रियता तेज होने के साथ ही भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने जा रही है। मौसम विभाग ने मंगलवार से प्रदेश में लू का असर समाप्त होने और व्यापक बारिश का दौर शुरू होने का पूर्वानुमान जताया है।
प्रदेश में सोमवार शाम आए तेज आंधी-तूफान और वज्रपात ने भारी तबाही मचाई। अलग-अलग जिलों में हुई घटनाओं में कुल 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सबसे बड़ा हादसा फिरोजाबाद में हुआ, जहां तेज आंधी के दौरान एक विशाल नीम का पेड़ ई-रिक्शा पर गिरने से चालक समेत पांच लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक दर्जन जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मंगलवार और बुधवार को 50 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। हालांकि सोनभद्र, मीरजापुर और चंदौली जैसे दक्षिणी जिलों में फिलहाल उमस और गर्मी बनी रह सकती है।
सोमवार को करीब 55 जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार सोमवार को प्रदेश के करीब 55 जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। बहराइच में सबसे अधिक 104.6 मिमी, श्रावस्ती में 73.6 मिमी, बलरामपुर में 62 मिमी, महराजगंज में 52 मिमी और बस्ती में 45 मिमी वर्षा दर्ज की गई। अगले एक सप्ताह तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
जुलाई के पहले सप्ताह में तापमान 10 डिग्री तक गिरेगा
मानसून के प्रभाव से जुलाई के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान में छह से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। लखनऊ में सोमवार को अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसमें अब कमी आने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार जून में मानसून की सुस्त चाल के कारण प्रदेश में सामान्य से 59 प्रतिशत कम बारिश हुई।
50 से अधिक जिलों में बारिश के आसार
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 50 प्रतिशत और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 64 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई। हालांकि जुलाई के पहले पखवाड़े में अच्छी बारिश के संकेत हैं, जिससे खेती और जलस्रोतों को राहत मिलने की उम्मीद है।
आंधी और वज्रपात से 10 लोगों की मौत, कई घायल
फिरोजाबाद के फरिहा क्षेत्र के गांव चिड़रई पृथ्वी सिंह के पास रात करीब आठ बजे अवागढ़ से सवारियां लेकर लौट रहा ई-रिक्शा तेज आंधी और बवंडर की चपेट में आ गया। चालक ने वाहन रोकने की कोशिश की, तभी सड़क किनारे खड़ा विशाल नीम का पेड़ ई-रिक्शा पर गिर पड़ा। हादसे में चालक विष्णु समेत गजेंद्र, हरेश पाल, अमन और गंगा सिंह की मौत हो गई। एटा निवासी फूलमाला और उनका चार वर्षीय बेटा अनुराग गंभीर रूप से घायल हैं।
मृतकों के स्वजन को चार-चार लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा
ग्रामीणों ने पेड़ की डालियां काटकर घायलों को बाहर निकाला। बाद में पुलिस ने जेसीबी की मदद से राहत कार्य चलाया। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने मृतकों के स्वजन को चार-चार लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की।
उधर, बारिश के साथ हुए वज्रपात ने भी पांच लोगों की जान ले ली। कुशीनगर में धान की रोपाई के दौरान बबलू सिंह की मौत हो गई। महराजगंज में नौ वर्षीय आयुष की जान चली गई, जबकि उसके चाचा महेश घायल हो गए। बस्ती में कच्ची दीवार पर बिजली गिरने से गिरिजा देवी की मलबे में दबकर मौत हो गई।
सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील
मीरजापुर में होमगार्ड रामदुलारे की वज्रपात से मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से झुलस गईं। जिले में अन्य स्थानों पर भी चार महिलाओं समेत कई लोग झुलसे हैं। सोनभद्र में छप्पर ठीक करते समय गंभीरा की मौत हो गई और उनकी पुत्री सीमा गंभीर रूप से घायल हो गई। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।