यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती विज्ञापन जारी, उधर सोशल मीडिया पर छिड़ी नई मुहिम

नई दिल्ली (UP Police Recruitment 2026). उत्तर प्रदेश में खाकी वर्दी पहनने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026 सुनहरा अवसर लेकर आई है. हालांकि, इस खुशी के साथ-साथ हजारों अभ्यर्थियों के माथे पर चिंता की लकीरें भी साफ देखी जा रही हैं. इसका मुख्य कारण भर्ती प्रक्रिया में होने वाली देरी और निर्धारित आयु सीमा है. पिछले कुछ वर्षों में भर्ती चक्र के अनियमित होने के कारण बड़ी संख्या में युवा किसी भी परीक्षा में शामिल हुए बिना ही ‘ओवरएज’ हो गए हैं.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, खास तौर पर ‘X’ पर आयु सीमा में छूट (Age Relaxation) की मांग को लेकर बड़ा अभियान छिड़ गया है. अभ्यर्थियों का तर्क है कि पिछली भर्तियों में देरी और कोविड-19 के प्रभावों के कारण उनके कीमती साल बर्बाद हुए हैं. युवाओं की मांग है कि आगामी 2026 की यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती में कम से कम 3 साल की अतिरिक्त छूट दी जाए, जैसा कि पिछली कुछ बड़ी भर्तियों में सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए किया था. सोशल मीडिया पर #UP_Police_Age_Relaxation जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं.

यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026: सोशल मीडिया पर डिजिटल सत्याग्रह
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने कांस्टेबल के हजारों पदों पर भर्ती का अपडेट दिया है. इसी बीच डिजिटल दुनिया में एक अलग ही जंग छिड़ गई है. प्रदेश के कोने-कोने से युवा डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि वे कई सालों से इस सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे, लेकिन जब परीक्षा देने की बारी बारी आई तो उनकी उम्र सामान्य श्रेणी की सीमा (18-22 वर्ष) पार कर चुकी है.

यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026 के लिए उम्मीदवारों ने सरकार के सामने आयु सीमा में छूट देने के लिए कई प्रमुख कारण बताए हैं:
भर्ती में अंतराल: युवाओं का कहना है कि कांस्टेबल की भर्तियां नियमित अंतराल पर नहीं आतीं, जिससे कई योग्य युवा सरकारी नौकरी का मौका खो देते हैं.
कोविड-19 का प्रभाव: कोरोना महामारी के दौरान भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ठप रही थी, जिसका खामियाजा अब उन युवाओं को भुगतना पड़ रहा है जो उस दौरान पात्र थे.
पिछली भर्तियों का उदाहरण: अभ्यर्थियों ने याद दिलाया कि पिछली 60,244 पदों की भर्ती में भी भारी विरोध के बाद सरकार ने सभी वर्गों के लिए 3 साल की छूट दी थी. इसी तर्ज पर 2026 की भर्ती में भी राहत की उम्मीद की जा रही है.
उम्मीदवारों की क्या है मांग?

सोशल मीडिया अभियानों के जरिए अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि:
सामान्य वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा 22 से बढ़ाकर 25 वर्ष की जाए.
इसी अनुपात में आरक्षित श्रेणियों (OBC/SC/ST) और महिला अभ्यर्थियों को भी ऊपरी आयु सीमा में अतिरिक्त 3 साल की छूट दी जाए.
भर्ती आयु सीमा की गणना (Age Cut-off Date) में बदलाव किया जाए, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को आवेदन का मौका मिल सके.
विपक्ष और विशेषज्ञों का समर्थन
युवाओं के इस आंदोलन को कई छात्र संगठनों और राजनीतिक हस्तियों का भी समर्थन मिल रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी आबादी वाले राज्य में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है. अगर पुलिस जैसी बड़ी भर्ती में उम्र की वजह से युवा बाहर होते हैं तो यह उनके मानसिक स्वास्थ्य और राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है. सरकार की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन भर्ती बोर्ड के सूत्रों के अनुसार, प्राप्त ज्ञापनों और सोशल मीडिया रुझानों पर उच्च स्तर पर विचार किया जा सकता है.