Ganga Expressway से विकास की उड़ान भरेगा वेस्ट यूपी, ट्रैफिक होगा कम

हापुड़। उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) से गंगा के खादर और बांगर जैसे उपेक्षित व पिछड़े क्षेत्र में विकास योजनाएं संचालित होंगी। यूपीडा ने गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों साइड के क्षेत्रों का विकास नोएडा जैसे औद्योगिक शहर की तर्ज पर कराने की योजना तैयार की है। इसके लिए औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ आवासीय व कॉमर्शियल जोन भी बनाए जाएंगे। गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के दोनों ओर हाईराइज आवासीय योजनाएं लाने की तैयारी है।

इससे नोएडा-गाजियाबाद के साथ ही दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर भी वाहनों का दबाव कम किया जा सकेगा। गंगा एक्सप्रेसवे को और अधिक उपयोगी बनाने के लिए इटावा में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, नोएडा के जेवर एयरपोर्ट और मेरठ में हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से भी लिंक किया जाएगा। कारोबार-पर्यटन को होगा फायदा इससे औद्योगिक और आवासीय योजनाओं के साथ ही कारोबार-पर्यटन के क्षेत्रों में लाभ मिलने का अनुमान है। उद्योगों के वाहनों का ज्यादातर आवागमन गंगा एक्सप्रेसवे से कराने की योजना तैयार की जा रही है, जिससे अन्य सड़क मार्ग पर वाहनों का दबाव नियंत्रित किया जा सके।

गंगा एक्सप्रेसवे केवल वाहनों के आवागमन का साधन ही नहीं होगा, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास की रीढ़ भी साबित होगा। इस एक्सप्रेसवे को तीन भागों में बनाया जा रहा है। पहले दो चरणों में प्रयागराज से मेरठ तक का निर्माण किया गया है। वहीं अगले चरण में मेरठ से हरिद्वार तक के भाग का निर्माण किया जाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के दोनों ओर औद्योगिक गलियारे का निर्माण किया जाना है। इसके लिए भूमि के अधिग्रहण का कार्य तेजी से चल रहा है।

मेरठ से हरदोई तक एक्सप्रेसवे के दोनों ओर उद्योगों को स्थापित करने पर कार्य किया जा रहा है। इसके तहत गंगा के खादर क्षेत्र को नोएडा की तर्ज पर सेक्टरों में विभाजित किया जाएगा। घर तलाश रहे लोगों को मिलेगा नया ठिकाना हसनपुर में गंगा एक्सप्रेसवे के टी-प्वाइंट के नजदीक मंगरौला, रूस्तमपुर खादर और दौलतपुर के आसपास और हापुड़ में सिंभावली व सदरपुर से लेकर पुष्पावती तक औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके साथ ही आवासीय सेक्टर बसाने का भी निर्णय लिया गया है।

गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के साथ-साथ मल्टी स्टोरी टावर व शॉपिंग मॉल बनाने की तैयारी भी है। इससे नोएडा-गाजियाबाद, दिल्ली व मुरादाबाद क्षेत्रों में घर की तलाश कर रहे लोगों के लिए गंगा एक्सप्रेसवे के आसपास का क्षेत्र नया ठिकाना होगा। रेल कॉरिडोर से जुड़ेगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज के बीच बने गंगा एक्सप्रेसवे के लिंक एक्सप्रेसवे को हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से जोड़ने की तैयारी है। इससे स्थानीय व्यापारी, पर्यटक और श्रद्धालुओं को लाभ पहुंचेगा। इससे हरिद्वार, मथुरा, प्रयागराज, वाराणसी, हस्तिनापुर के धार्मिक और पर्यटन स्थलों का सफर आसान हो जाएगा। हाई स्पीड रेल और एक्सप्रेसवे के संपर्क से कारोबार, पर्यटन और विकास को बूस्ट मिलने की उम्मीद है।

वहीं, मेरठ एवं हस्तिनापुर को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की योजना तैयार की गई है। यह भी पढ़ें- Ganga Expressway: खत्म हुआ इंतजार, 30 अप्रैल से फर्राटा भरेंगे वाहन; अब रेल कॉरिडोर से भी जोड़ने की तैयारी यह भी पढ़ें- तैयार हो जाइए! 594 KM लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे की तारीख तय, हरदोई से मचेगा शोर, बदायूं में होगी बड़ी जनसभा गंगा एक्सप्रेसवे के साथ-साथ कई कल्याणकारी योजनाओं पर काम चल रहा है। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक व आवासीय योजनाएं विकसित की जाएंगी। वहीं दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर भी वाहनों का दबाव कम होगा। इसकी तैयारियां स्थानीय स्तर पर भी आरंभ कर दी गई हैं।