अखिलेश यादव के 26 सांसद होंगे बागी? केशव मौर्य के दावे से यूपी में बवाल

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों का NCPI में विलय और फिर महाराष्ट्र में शिवसेना में हुई बड़ी टूट के बाद अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बयान से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ओम प्रकाश राजभर के दावे ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है, जिसमें उन्होंने समाजवादी पार्टी के भीतर संभावित टूट का दावा किया है.

केशव मौर्य ने कहा है कि समाजवादी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता पार्टी की कार्यशैली से असंतुष्ट हैं और आने वाले समय में सपा के 26 सांसद पाला बदलने को तैयार हैं. केशव मौर्य के इस बयान के अलग अलग राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं लेकिन इसके पीछे की कहानी राजनीतिक बयानबाजी से थोड़ी आगे है.

सपा सांसदों का संपर्क दावा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यूपी बीजेपी के एक बड़े नेता के दावे को सही मानें तो लोकसभा चुनाव 2024 के कुछ महीनों बाद ही यूपी से समाजवादी पार्टी के कुछ सांसदों ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से सम्पर्क साधा था. उसके बाद सपा सांसदों के प्रस्ताव को लेकर दिल्ली में पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा की गई थी लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था.

प्रस्ताव स्वीकार न करने के पीछे का कारण बताया गया कि लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद ही पार्टी कोई ऐसा संदेश नहीं देना चाहती थी जिस से सहयोगियों और जनता में कोई नकारात्मक संदेश जाए. समाजवादी पार्टी ने ऐसे दावों को सिरे से खारिज किया है. सपा नेताओं का कहना है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और भाजपा जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के बयान दे रही है.