योगी राज में उजड़ जाएगा अखिलेश यादव का ‘गुलशन’? पुलिस ने कसा शिकंजा

Will Akhilesh Yadav's 'Gulshan' be destroyed in Yogi Raj? Police tightens the noose
Will Akhilesh Yadav's 'Gulshan' be destroyed in Yogi Raj? Police tightens the noose

उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम व समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश के अति करीबी और कुंडा में कुंडी लगाने का दम भरने वाले गुलशन यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. समाजवादी पार्टी के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष गुलशन यादव, जिन पर पहले पचास हज़ार का इनाम था, अब इनाम की राशि दोगुनी कर दी गई है. पुलिस अभिलेखों में फरार चल रहे गुलशन यादव पर एक लाख का इनाम रख दिया है.

यूपी की राजनीति में हमेशा से यादव ब्रदर्स सुर्खियों में रहे हैं, आपको बता दें समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव इस समय जेल में बंद हैं. कई महीनों से जमानत न मिलने के कारण पार्टी संगठन ने उनके बड़े भाई गुलशन यादव को कार्यवाहक जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दे दी. मगर राजनीति की ये जिम्मेदारी गुलशन यादव के आपराधिक इतिहास के आगे हल्की साबित हो रही है.

गुलशन यादव पर एक लाख का इनाम
पुलिस रिकॉर्ड्स में गुलशन यादव पर कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं. आरोपों की लंबी फेहरिस्त है और कई मामलों में वे फरार चल रहे हैं. इसी फरारी को देखते हुए पुलिस ने पहले उन पर 25 हज़ार का इनाम रखा लेकिन जब गिरफ्तारी नहीं हो सकी तो इनाम बढ़ाकर 50 हज़ार कर दिया गया. अब, पुलिस ने इस इनामी राशि को सीधे 1 लाख रुपये तक बढ़ा दिया है.

राजनीतिक हल्को में चर्चाओं का बाजार गर्म
पुलिस का कहना है कि गुलश न यादव की गिरफ्तारी प्राथमिकता पर है और उन्हें किसी भी हाल में गिरफ्तार किया जाएगा. वहीं राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर बड़ी हलचल मची हुई है. एक ओर समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह सब राजनीतिक दबाव और साजिश के तहत हो रहा है, तो वहीं भाजपा खेमे का आरोप है कि सपा नेताओं का अपराध से गहरा नाता रहा है.

गुलशन यादव की गिरफ्तारी के प्रयास तेज
प्रतापगढ़ में सपा नेता गुलशन यादव पर गिरफ्तारी की तलवार और तेज़ हो गई है. पुलिस अब हर संभव कोशिश कर रही है कि फरार चल रहे गुलशन यादव को पकड़ सके. देखना होगा कि राजनीति और अपराध के इस गठजोड़ में आखिर कब तक गुलशन यादव पुलिस की पकड़ से बाहर रहते हैं.