यूपी में ड्रग्स तस्करी पर नकेल कसने के लिए योगी सरकार ने खोला नया मोर्चा

UP News: उत्तर प्रदेश में नशे के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए सरकार अब और सख्त कदम उठाने जा रही है. हाल ही में कफ सीरप की आड़ में चल रहे बड़े ड्रग्स रैकेट के पकड़े जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एंटी नारकोटिक्स फोर्स (एएनटीएफ) की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का संयुक्त प्रयास होना चाहिए.

सीएम योगी ने समीक्षा बैठक में एएनटीएफ को और मजबूत करने पर जोर दिया. उन्होंने निर्देश दिए कि गोरखपुर, बाराबंकी, गाजीपुर, झांसी, मेरठ और सहारनपुर में स्थापित एएनटीएफ के छह थानों के लिए जल्द कोर्ट आवंटित कराए जाएं. कोर्ट मिलने के बाद इन थानों में दर्ज एफआईआरों की प्रभावी पैरवी हो सकेगी और मामलों की सुनवाई तेजी से होगी.

टीम को दिया जाएगा विशेष प्रशीक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों को यह साफ संदेश मिलना चाहिए कि प्रदेश में अवैध ड्रग्स कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. एएनटीएफ के सभी थानों और यूनिटों में निरीक्षक, उपनिरीक्षक, कंप्यूटर ऑपरेटर और आरक्षियों की स्थायी तैनाती की जाएगी. साथ ही टीम को विशेष प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी. उन्होंने तकनीकी और संसाधन क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया, जिसमें आधुनिक उपकरण, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और अन्य उन्नत तकनीक शामिल हैं.

2023 से 2025 के बीच कुल 310 मुकदमे दर्ज
बैठक में बताया गया कि एएनटीएफ के गठन के तीन वर्षों में 2023 से 2025 के बीच कुल 310 मुकदमे दर्ज हुए और 35 हजार किलो से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त किया गया. इस दौरान 883 तस्करों को गिरफ्तार किया गया. जब्त की गई ड्रग्स की अनुमानित कीमत 343 करोड़ रुपये से अधिक है. वहीं तीन साल में 2.61 लाख किलो से ज्यादा नशीले पदार्थ नष्ट किए गए, जिनकी कीमत करीब 775 करोड़ रुपये आंकी गई.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि एएनटीएफ थानों के लिए स्थायी भवन निर्माण भी जल्द शुरू किया जाए ताकि उनकी कार्यप्रणाली और मजबूत हो सके. उन्होंने यह भी कहा कि जब्त किए गए पदार्थों का निस्तारण नियमित और पारदर्शी तरीके से जारी रहना चाहिए. बैठक में गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डीजीपी और एएनटीएफ के अधिकारी मौजूद रहे.