लखनऊ। प्रदेश सरकार आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और पारिश्रमिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और एकरूप बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकास) की भूमिका को और प्रभावी बनाने जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को यूपीकास की कार्यप्रणाली एवं प्रगति की समीक्षा करते हुए इसके माध्यम से आउटसोर्स व्यवस्था को तकनीक आधारित, जवाबदेह और कर्मचारी हितैषी बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि आउटसोर्स सेवा निगम का गठन विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति, सेवा शर्तों, प्रक्रियाओं और मानदेय व्यवस्था में एकरूपता एवं पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स व्यवस्था में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि कर्मचारियों के हितों का संरक्षण हो और विभागों को भी सुव्यवस्थित मानव संसाधन उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मियों से संबंधित एकीकृत आनलाइन पोर्टल के विकास कार्य की समीक्षा करते हुए इसे समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कहा कि पोर्टल के माध्यम से नियुक्ति, सत्यापन, निगरानी तथा अन्य प्रक्रियाओं का केंद्रीकृत संचालन किया जाए, जिससे व्यवस्था अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बन सके।
बैठक में आउटसोर्स एजेंसियों के एम्पैनलमेंट की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि एजेंसियों के चयन एवं संचालन से संबंधित सभी मानकों और प्रक्रियाओं को स्पष्ट, मानकीकृत और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।
इसके लिए तैयार की जा रही व्यवस्था को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए, ताकि सभी विभागों को एक समान और सुव्यवस्थित प्रणाली उपलब्ध हो सके।