योगी सरकार का मास्टरस्ट्रोक, खत्म होगी मास्टरजी की टेंशन

नई दिल्ली (UP Shiksha Mitra 2026 Medical Facility). उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों शिक्षकों के लिए ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए ‘कैशलेस चिकित्सा सुविधा’ को मंजूरी देने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 29 जनवरी 2026 को आयोजित कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है. यह निर्णय न केवल शिक्षकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि उनके परिवारों को भी बड़ी आर्थिक राहत प्रदान करेगा.

लंबे समय से उत्तर प्रदेश के शिक्षक संगठन इस मांग को उठाते रहे हैं. इस योजना के लागू होने से उत्तर प्रदेश के लगभग 10 लाख शिक्षक और उनके आश्रित परिवारों को फायदा मिलेगा. इसमें बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा विभाग और सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी शामिल किया गया है. कैशलेस सुविधा सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में शिक्षकों को जेब से पैसे खर्च करने या कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षकों के कल्याण के लिए अपना खजाना खोल दिया है. 29 जनवरी 2026 की कैबिनेट बैठक में सबसे अहम चर्चा शिक्षकों को मिलने वाली कैशलेस इलाज की सुविधा पर केंद्रित है. जानिए इस योजना से क्या फायदा मिलेगा.

इस योजना का लाभ किसे मिलेगा?

इस योजना का दायरा काफी विस्तृत रखा गया है. इसके तहत केवल नियमित शिक्षक ही नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न विभागों को जोड़ा गया है:
बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के नियमित शिक्षक
अशासकीय सहायता प्राप्त (Aided) विद्यालयों के शिक्षक
शिक्षामित्र और अनुदेशक (Instructors)
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वॉर्डन और शिक्षक
प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत कार्य करने वाले रसोइया
इन सभी कर्मचारियों के आश्रित परिवार के सदस्य.
कैशलेस सुविधा की खासियत क्या है?

अब तक शिक्षकों को इलाज के लिए पहले भुगतान करना पड़ता था और फिर Reimbursement के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना होता था. लेकिन नई व्यवस्था में ऐसा नहीं होगा.
बिना नकद भुगतान के इलाज: लिस्टेड सरकारी और निजी अस्पतालों में कार्ड दिखाकर सीधे इलाज कराया जा सकेगा.
सरकारी खजाने से वहन: इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी.
आपातकालीन राहत: गंभीर बीमारियों या दुर्घटना की स्थिति में बिना वित्तीय चिंता के तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध होगी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही स्पष्ट किया था कि शिक्षक राष्ट्र के निर्माता हैं और उनकी सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है. ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के जरिए स्कूलों की स्थिति सुधारने के बाद अब शिक्षकों के ‘स्वास्थ्य कायाकल्प’ की पहल शिक्षा क्षेत्र में नया मील का पत्थर साबित होगी.