उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोहर्रम को लेकर सुरक्षा के मद्देनजर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्पष्ट किया कि मोहर्रम मातम का अवसर है, इसे शक्ति प्रदर्शन का जरिया नहीं बनाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी नई परंपरा या जुलूस स्वीकार नहीं किया जाएगा। जुलूस में अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी। तेज आवाज में बजने वाले बैंड और ढोल ताशों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा। ताजिया की ऊंचाई 10 से 12 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
महाराजगंज जनपद के जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों पर जानकारी देते हुए बताया कि मोहर्रम का जुलूस परंपरागत तरीके से ही निकाला जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई जुलूस में अस्त्र-शस्त्र लहराता है या तेज आवाज में डीजे बजाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोहर्रम के संबंध में तीन मुख्य निर्देश जारी किए हैं। इनमें ताजिये की ऊंचाई सीमित रखना, जुलूस के दौरान अस्त्र-शस्त्र लहराने पर पूर्ण प्रतिबंध और जहां ताजिया दफन होता है, वहां साफ-सफाई व सैनिटाइजेशन सुनिश्चित करना शामिल है।
जिलाधिकारी ने यह भी दोहराया कि मोहर्रम परंपरागत तरीके से ही मनाया जाएगा और किसी भी नई परंपरा की शुरुआत करने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। डीजे की आवाज तय मानकों के भीतर ही रखी जाए।
जनपद के सभी जिम्मेदार अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को थाना स्तर पर पीस कमेटी की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, और धर्मगुरुओं को मोहर्रम को शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है।