देहरादून: Electricity Bills Increase: उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। जून में विभाग ने बिल बढ़ाया था। जुलाई में भी बिजली का झटका लगने वाला है। उपभोक्ताओं का जुलाई महीने का बिल बढ़कर आएगा। बीपीएल उपभोक्ताओं से लेकर हर श्रेणी पर सरचार्ज लगाने की तैयारी है। बिजली उपभोक्ताओं को ऊर्जा निगम जुलाई महीने में भी झटका दे रहा है। जुलाई महीने के लिए जारी फ्यूल पावर परचेज कास्ट एजस्टमेंट के तहत उपभोक्ताओं पर 20 पैसे प्रति यूनिट तक का सरचार्ज लगेगा।
बीपीएल उपभोक्ताओं को भी झटका
इस बार बीपीएल उपभोक्ताओं से लेकर हर श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं पर सरचार्ज लगने जा रहा है। बिजली की आपूर्ति पूरी किए जाने को बाजार से की गई अतिरिक्त खरीद का असर सीधा उपभोक्ताओं पर पड़ने जा रहा है। थर्मल पावर प्लांट से ली जाने वाली बिजली पर कोल का भी असर इस सरचार्ज पर पड़ा है। पावर परचेज कास्ट का असर उपभोक्ताओं पर अब सीधे हर महीने डाला जा रहा है। बिजली खरीद तय लागत से कम होने पर उपभोक्ताओं को रिबेट के रूप में राहत दी जाती है। रेट अधिक होने पर सरचार्ज लगाया जा रहा है।
इस महीने सरचार्ज पांच पैसे से लेकर 20 पैसे प्रति यूनिट तक वसूला जाएगा। सबसे अधिक सरचार्ज अस्थायी बिजली कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं पर 20 पैसे लगाया गया है। मुख्य अभियंता कमर्शियल एनएस बिष्ट की ओर से आदेश जारी किए गए।
बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी
उत्तराखंड में बिजली दरों में श्रेणीवार बढ़ोतरी की गई है। बीपीएल उपभोक्ताओं पर 5 पैसे प्रति यूनिट, घरेलू उपभोक्ताओं पर 13 पैसे, कमर्शियल पर 19 पैसे, सरकारी संस्थानों पर 18 पैसे, निजी ट्यूबवेल पर 6 पैसे, कृषि गतिविधियों के लिए 9 पैसे, उद्योग और मिक्सड लोड श्रेणी पर 17-17 पैसे, रेलवे और ईवी चार्जिंग पर 16-16 पैसे, जबकि अस्थायी कनेक्शनों पर सबसे अधिक 20 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।
वाटर मीटर काम नहीं करने पर नोटिस
वाटर मीटर के सही काम न करने पर जल निगम की ओर से कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं। चार कंपनियों को उनके मीटर सही काम न करने पर नोटिस दिए गए हैं। पानी की एक एक बूंद का हिसाब रहे, इसके लिए पेयजल एजेंसियों ने ऑटोमेटिक वाटर मीटर लगाने का काम कंपनियों को सौंपा। इन वाटर मीटर के जरिए पानी की खपत का सटीक डाटा तय समय पर मिलना था। डाटा समय पर उपलब्ध होने से पेयजल बिलिंग सिस्टम सुधरने की उम्मीद थी। ये ऑटोमेटिक वाटर मीटर कुछ समय बाद ही सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं।
पानी की खपत का डाटा ऑटो सिस्टम के जरिए सर्वर पर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इससे जिस उम्मीद से ये ऑटोमेटिक वाटर मीटर लगाए गए थे, वो पूरी नहीं हो पाई। इस पर जल निगम की ओर से सम्बन्धित कंपनियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। चार कंपनियों को उनके मीटर सही काम न करने पर नोटिस दिए गए हैं।