मसूरी: हनीमून ट्रिप पर गई नवविवाहिता की मौत, मसूरी के होम स्टे में संदिग्ध हालात में मिला शव

मसूरी; उत्तराखंड के मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर टिपरीधार स्थित कियाना होम स्टे में एक नवविवाहित महिला की मौत के मामले ने पुलिस की जांच को नई दिशा दे दी है. बीती 15 जून की सुबह करीब 7:23 बजे यूपी-112 कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि होम स्टे के एक कमरे में ठहरे दंपती में महिला की हालत गंभीर है और वह किसी तरह की हरकत नहीं कर रही. सूचना मिलते ही कोतवाली मसूरी का प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ मौके के लिए रवाना हुआ और साथ ही 108 एम्बुलेंस को भी बुला लिया गया.

घटनास्थल पर पहुंची एम्बुलेंस के फार्मासिस्ट राकेश कुमार ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया. मृतका की पहचान 27 वर्षीय पी. राधा गायत्री के रूप में हुई, जो मूल रूप से दिल्ली के शकरपुर इलाके की निवासी थीं और हाल में किदवई नगर ईस्ट में रह रही थीं. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि राधा गायत्री और उनके पति सौम्या श्रीचरण 13 जून को दिल्ली से ऋषिकेश पहुंचे थे और 14 जून की रात करीब साढ़े 11 बजे इस होम स्टे में आकर ठहरे थे.

दोनों ने रात में पी थी शराब
पति सौम्या श्रीचरण के मुताबिक दोनों ने रात में शराब पी और तकरीबन साढ़े तीन बजे ‘ब्लिस’ नाम के कमरे में सो गए। सुबह उठने पर उसने पत्नी को बेहोशी की हालत में पाया नाक से खून बह रहा था और शरीर से पेशाब भी निकल आया था. इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर कार्रवाई शुरू की और पंचायतनामा की प्रक्रिया के लिए मसूरी के कार्यपालक मजिस्ट्रेट/नायब तहसीलदार को भी बुलाया गया.

देहरादून की फील्ड यूनिट ने घटनास्थल की बारीकी से जांच करते हुए वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई और जरूरी सबूत जुटाए. जांच के दौरान महिला का शव कमरे के फर्श पर नग्न अवस्था में मिला, जबकि बिस्तर की चादर पर खून के धब्बे भी पाए गए. कमरे से शराब की दो खाली बोतलें और कुछ खाने-पीने का सामान भी बरामद हुआ. पति ने पुलिस को फिर से बताया कि रात में दोनों ने शराब का सेवन किया था.

पिछले साल नवम्बर में हुई थी शादी
पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि दोनों की शादी पिछले साल 8 नवंबर को हुई थी. पति-पत्नी दोनों निजी आईटी कंपनियों में नौकरी करते थे पति पुणे में और मृतका गुरुग्राम में कार्यरत थीं. दोनों के परिवार मूल रूप से विशाखापट्टनम से ताल्लुक रखते हैं.मामले की गंभीरता को देखते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों के पैनल ने 16 जून को वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले, हालांकि मौत की असल वजह जानने के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया है, जिसकी आगे वैज्ञानिक जांच होगी.

इस बीच मृतका के पिता पी. सुधाकर ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बेटी की मौत के कारणों की गहराई से जांच की मांग की है. पुलिस ने इसे आधार बनाते हुए मामले के सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि मौत की वजह का अंतिम खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के मिलने के बाद ही हो सकेगा. फिलहाल मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाएं जारी हैं और पुलिस इसे निष्पक्षता से सुलझाने में जुटी है.