Uttarakhand News: उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने राज्य में विद्युत आपूर्ति को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ऋषिकेश में अब भूमिगत बिजली व्यवस्था लागू की जा रही है, जिससे बिजली कटौती की समस्या लगभग समाप्त हो जाएगी। यह उत्तराखंड का अब तक का सबसे बड़ा अंडरग्राउंड केबलिंग प्रोजेक्ट है।
UPCL की इस पहल से गंगा किनारे और मुख्य बाजार क्षेत्रों में बिजली की तारें और खंभे अब नज़र नहीं आएंगे। भूमिगत केबलिंग से शहर का सौंदर्य बढ़ेगा और विद्युत व्यवस्था अधिक सुरक्षित होगी। बारिश, तूफान या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय बिजली व्यवस्था पर असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, भूमिगत नेटवर्क से रखरखाव पर खर्च और समय दोनों की बचत होगी।
और पढ़ें बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का ऐलान, 6 और 11 नवंबर को मतदान, 14 को नतीजे
स्काडा सिस्टम से होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग
UPCL ने ऋषिकेश में अत्याधुनिक स्काडा सिस्टम (SCADA System) लागू करने की योजना भी शुरू कर दी है। यह सिस्टम बिजली नेटवर्क की रियल टाइम मॉनिटरिंग करेगा और किसी फॉल्ट का तुरंत पता लगाकर बिजली बहाली की प्रक्रिया को तेज बनाएगा। इससे उपभोक्ताओं को लगातार, बिना रुकावट के उच्च गुणवत्ता वाली बिजली मिल सकेगी।
और पढ़ें इटली सड़क हादसा: नागपुर के कपल की मौत, तीन बच्चे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
कुंभ क्षेत्र में भी भूमिगत होंगी बिजली लाइनें
ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार की 50वीं मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में UPCL को कुंभ क्षेत्र (गंगा कॉरिडोर) में भी विद्युत लाइनों को भूमिगत करने की मंजूरी मिल गई है। ऋषिकेश और देहरादून क्षेत्र में यह प्रोजेक्ट RDS Scheme (Revamped Distribution Sector Scheme) के तहत लागू किया जा रहा है। इससे विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा।
और पढ़ें खंडवा में राखड़ से भरे ट्रक ने ई-बाइक को मारी टक्कर, आग लगने से जिंदा जले दो लोग; हाईवे पर मचा हाहाकार
UPCL ने बढ़ाई ऑपरेशनल दक्षता और पारदर्शिता
UPCL के प्रबंध निदेशक अनिल यादव ने बताया कि निगम ने विद्युत वितरण प्रणाली को अधिक सशक्त, पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। ऑपरेशनल और बिज़नेस दक्षता बढ़ाने के साथ ही बिजली व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक बनाया जा रहा है। भूमिगत केबलिंग और ऑटोमेशन से उत्तराखंड का पावर नेटवर्क अब 24×7 मॉनिटरिंग पर रहेगा।
परियोजना से मिलेगा पूरे उत्तराखंड को लाभ
यह प्रोजेक्ट न केवल ऋषिकेश बल्कि पूरे उत्तराखंड की बिजली आपूर्ति व्यवस्था के लिए एक मॉडल साबित होगा। भविष्य में इसी तर्ज पर अन्य प्रमुख शहरों में भी भूमिगत केबलिंग की योजना लागू की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के हर उपभोक्ता को निर्बाध और सुरक्षित बिजली मिले।