देहरादून/चमोली: Uttarakhand Weather 26 June: उत्तराखंड में मॉनसून के लिए अभी इंतजार करना होगा। हालांकि पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है। गुरुवार आधी रात चमोली के नारायण बगड़ में आकाशीय बिजली और भारी बारिश ने लोगों को डरा दिया। कई वाहन मलबे में दब गए। आईएमडी के मुताबिक, आज देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर समेत कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। आकाशीय बिजली का भी अलर्ट है।
देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि दक्षिण एवं पश्चिम मॉनसून की उत्तरी सीमा फिलहाल सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज के साथ ही, मोतिहारी होते हुए आगे बढ़ रही है। आगामी तीन से चार दिनों के दौरान मानसून के उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
दून में धूप से बढ़ी तपिश तापमान 36 डिग्री पार
इस बीच राजधानी देहरादून समेत मैदानी क्षेत्रों में गुरुवार को दिनभर तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। देहरादून में अधिकतम पारा करीब 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री अधिक रहा। वहीं पंतनगर में पारा 39.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दिनभर गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण आम लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
आज कहां-कहां अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है। वहीं हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने तथा 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है।
कर्णप्रयाग में भारी बारिश
गुरुवार रात को चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में भारी बारिश हुई। बारिश से नारायणबगड़ बाजार में कई वाहन मलबे में दब गए हैं। सड़क पर मलबा व पानी भर गया है। रात करीब 12 बजे तेज गर्जना के साथ शुरू हुई बारिश से लोग सहम गए। रात को लोग गहरी नींद में सोए थे। तभी नारायणबगड़ बाजार के ठीक ऊपर पहाड़ी से भारी पानी व मलबा आ गया। इससे चारों तरफ हाहाकार मच गया। हालांकि किसी जान माल के नुकसान की खबर नहीं है। नारायणबगड़ बाजार में चारों तरफ मलबा बिखरा है। मलबे से ग्वालदम हाईवे सुबह छह बजे तक बाधित रहा।
कई वाहन मलबे में दबे
रात ढाई बजे से ही ग्रिफ के जवान हाईवे खोलने में जुटे रहे, सुबह ग्रिफ द्वारा मलबा हटाया गया। सामाजिक कार्यकर्ता जयबीर कंडारी गुड्डू ने बताया कि मलबे में कई स्कूटी, बाइक और कारें दब गई हैं। चारों तरफ मलबे का ढेर पसरा है। वहां के इंटर कॉलेज और अस्पताल में भी मलबा फैल गया है। रात 12 बजे से लोग रतजगा कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी से जब पानी नीचे की तरफ बहता है तो नाला न होने से वह सड़क पर बिखर जाता है। अस्पताल की एंबुलेंस भी मलबे में दबी हैं। व्यापारियों की दुकानों में मलबा घुस गया है। अस्पताल जाने वाला रास्ता भी बंद हो गया है। रात को पिंडर नदी का जल स्तर भी बढ़ गया था, सुबह जलस्तर कम हो गया है। चमोली जिले के आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि बारिश से हाईवे पर जो मलबा आया था उसे हटा दिया गया है और सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दी गई है। जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है।
मानसून की हर बारिश में बह जाती हैं राज्य की 1199 सड़कें
उत्तराखंड में 1199 सड़कें हर साल मानसून सीजन में होने वाली बारिश में बह रही हैं। इन पर जगह जगह होने वाले भूस्खलन से वाहनों का आवागमन अवरुद्ध हो रहा है और लोग बार बार मुश्किलें झेल रहे हैं। लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने विभाग के अधिकारियों को इन सड़कों को मानसून में खुला रखने के लिए एक्शन प्लान मांगा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हर साल क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कें ऐसे पहाड़ों पर कटी हैं जो बारिश में बेहद संवेदनशील हो जाते हैं।
इनमें एनएच, राज्यमार्ग, जिला मार्ग और अन्य सभी प्रकार की सड़कें शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि मानसूनी सीजन में सड़कों के बंद होने पर उन्हें तत्काल की खोलने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। बता दें कि बारिश के दौरान प्रदेश के गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों में भूस्खलन की वजह से सड़कें बंद हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में मानसून की तैयारियों के तहत 113 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। बाढ़ तथा जल भराव को देखते हुए 304 संवेदनशील स्थल चिह्नित किए गए हैं। नदियों में बाढ़ को देखते हुए चैनेलाइजेशन का काम किया जा रहा है। बांधों पर निगरानी के लिए वायरलैस स्टेशन शुरू किए गए हैं।
बंद सड़कों को तत्काल खोलें, वैकल्पिक मार्ग भी तैयार रखें
देहरादून। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने लोनिवि के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून में बारिश से बंद होने वाली सड़कों को तत्काल खोलने की व्यवस्था करें। इसके साथ ही बंद सड़कों की वजह से आम लोगों व यात्रियों को परेशानी न हो इसके लिए वैकल्पिक मार्ग भी तैयार रखे जाएं।
सतपाल महाराज ने गुरुवार को यमुना कॉलोनी में मानसून तैयारियों को देखते हुए लोनिवि व सिंचाई विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के साथ ही सड़कों को खोलने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि दोनों विभाग समर्पित होकर काम करें और मानसून के दौरान यात्रा में आने वाले अवरोध के समाधान के प्रयास किए जाएं। महाराज ने कहा कि बारिश की वजह से बंद सड़कों की सूचना तत्काल मैसेज के जरिए यात्रियों तक पहुंचाई जाए ताकि लोग दूसरे रूट का उपयोग कर सकें।
उन्होंने कहा कि मानसून को देखते हुए सड़कों को ठीक करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। विभाग ने सड़क पैच वर्क के 3968 काम पूरे कर लिए हैं। जो लक्ष्य से अधिक हैं। बताया कि बंद सड़कों को तुरंत खोला जाएगा।