Indian IT Industry : इंडियन IT इंडस्ट्री पर संकट के बादल गहराते जा रहे हैं. ग्लोबल कंपनी एक्सेंचर ने भले ही अपने FY25 में रेवेन्यू अनुमान के हाई लेवल को छुआ हो, लेकिन इसके पीछे एक सच्चाई छिपी है. कंपनी ने कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू कर दी है. न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 11,000 से अधिक नौकरियां जा चुकी हैं और आगे और छंटनी की संभावना है. कंपनी ने USD 250 मिलियन से अधिक की राशि उन कर्मचारियों के सेवरेंस के लिए रखी है, जिनकी ‘रीस्किलिंग संभव नहीं’ है.
नए कर्मचारियों की भर्ती जारी रहेगी
दिलचस्प बात ये है कि छंटनी के बीच भी एक्सेंचर ने नए कर्मचारियों की भर्ती जारी रखने की बात कही है. CEO जूली स्वीट ने कहा है कि FY26 में कंपनी अमेरिका और यूरोप समेत तीनों बाजारों में कुल हेडकाउंट बढ़ाएगी. उन्होंने ‘रीइन्वेंटर्स’ यानी रीस्किलिंग पर जोर दिया है, लेकिन ये भी माना कि कुछ कर्मचारियों के लिए ये रणनीति कारगर नहीं रही.
एक्सेंचर के करीब 3.5 लाख कर्मचारी
भारत में एक्सेंचर के करीब 3.5 लाख कर्मचारी हैं. TCS ने भी हाल में 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की है. कंपनी ने कहा कि कुछ कर्मचारियों को “रीडिप्लॉय” करना संभव नहीं था. एनालिस्ट का कहना है कि पुराने प्लेटफॉर्म जैसे SAP ECC, मेनफ्रेम्स, और नॉन-क्लाउड स्किल्स अब किसी काम के नहीं रहे हैं. एक्सेंचर की FY26 ग्रोथ गाइडेंस भी कमजोर रही है. निवेशक निराश हैं और शेयर 3% तक गिर गया है. फिर भी कंपनी GenAI में 3 अरब डॉलर का निवेश कर रही है.
17.60 अरब डॉलर का रेवेन्यू
एक्सेंचर ने जून-अगस्त 2025 तिमाही में 7 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ 17.60 अरब डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया है. कंपनी का फाइनेंशियल ईयर सितंबर से अगस्त तक होता है. इस रेवेन्यू में ढाई प्रतिशत विदेशी मुद्रा प्रभाव शामिल है. जूली स्वीट ने कहा कि हमारा 7 प्रतिशत ग्रोथ हमारी अनूठी क्षमता को दर्शाता है. कस्टमर AI के साथ नए तरीके से काम करने और डिजिटल कोर बनाने में हमारी मदद चाहते हैं. एक्सेंचर की यह स्ट्रैटजी न केवल लागत बचाने की है, बल्कि आने वाले समय में AI टेक्निक के साथ ग्राहकों की जरूरत को पूरा करने की भी है.
भारतीय IT सेक्टर के लिए ये साफ संकेत है रीस्किलिंग का युग अब जोखिम भरा हो गया है और नौकरी की गारंटी अब अतीत की बात हो चुकी है.