मुजफ्फरनगर में भी ग्रेप सिस्टम लागू, जानें क्या-क्या लगेंगी पाबंदियां

मुजफ्फरनगर। दीपावली को लेकर मुजफ्फरनगर में भी ग्रेप सिस्टम लागू कर दिया गया है। वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए ग्रेप के नियमों के तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्रवाई करेगा। हालांकि छोटी दीपावली पर एक्यूआई 200 से 250 के बीच ही दर्ज किया गया, जिससे राहत रही। यह स्तर अभी भी खराब श्रेणी में ही दर्ज हो रहा है। ग्रेप सिस्टम के हिसाब से शहर में कचरा आदि अपशिष्ट जलने पर कार्रवाई होगी। प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड ने पहले ही कुछ कोल्हुओं पर कार्रवाई कर जुर्माना लगा दिया था, जिससे एक्यूआई नियंत्रण में है। दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) के तहत मुजफ्फरनगर जिला भी इसके तहत जद में है।

जनपद में रोलिंग मिल और पेपर मिल सहित कोल्हू आदि इकाइयों पर निगरानी बढ़ानी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई में शामिल हो गया है। दीपावली पर भी दिनरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों द्वारा मानिटरिंग बढ़ेगी। फिलहाल रविवार तक मुजफ्फरनगर दूसरे चरण में रहा, जिसके तहत केवल कचरा जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि धुएं और धूल के स्तर को और अधिक बढ़ने से रोका जा सके। अधिकारी मानते हैं कि जैसे-जैसे त्योहारी पटाखों का प्रभाव कम होगा और हवा की गति तेज होगी, प्रदूषण स्तर में और सुधार की संभावना है।

जिला प्रशासन ने इकाइयों को जारी किए निर्देश शुक्रवार की शाम को डीएम उमेश मिश्रा ने ग्रेप को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पत्राचार कर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को पालन के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से बताया गया कि यदि एक्यूआई अगले कुछ दिनों में फिर से बढ़ता है तो ग्रेप का अगला चरण भी लागू किया जा सकता है, जिसके तहत निर्माण कार्यों पर पाबंदी और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध जैसे कड़े कदम शामिल हैं।