हिमाचल में हाई अलर्ट, 60 गांव के लोग आज घर छोड़ दें…पौंग डैम में खतरे के निशान से ऊपर जलस्तर

धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. मंडी, कुल्लू और मनाली में भारी बारिश के चलते ब्यास नदी के पानी में बेहताशा इजाफा होने से अब कांगड़ा जिले के तीन उपमंडलों को लेकर एडवायजरी जारी की गई है. यहां पर पौंग डैम में पानी का स्तर 1396 फुट पार कर गया है और ऐसे में अब गुरुवार को बीबीएमबी की तरफ से दोपहर 2 बजे 1.10 लाख क्यूसेक पानी ब्यास दरिया में छोड़ा जाएगा.

बीबीएमबी की ओऱ से हिमाचल और पंजाब के सभी गांवों में हाई अलर्ट किया गया है और सिविल प्रशासन को हर आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है. गौरतलब है कि 20 हजार के करीब पर इसका असर होगा और इन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं.

जानकारी के अनुसार, पौंग बांध से पानी छोड़ने की वजह से कांगड़ा के इंदौरा, फतेहपुर और देहरा में कई इलाके जलमग्न हो सकते हैं. इंदौरा उपमंडल प्रशासन ने ब्यास प्रभावित क्षेत्र की 17 ग्राम पंचायतों के प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों, सचिवों, तकनीकी सहायकों, ग्राम रोजगार सेवकों, पटवारियों, कानूनगो, संबंधित विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों को चेतावनी जारी की है.

प्रशासन ने बताया कि 27 अगस्त 2025 सुबह 7 बजे पौंग बांध का जलस्तर 1393.68 फीट दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से काफी ऊपर है. गौरतलब है कि वर्ष 2023 की बाढ़ की तरह ही इस बार भी ब्यास किनारे बसे बेल्ला ठाकुरद्वारा, पराल, मल्कवाल आदि क्षेत्र बाढ़ की चपेट में हैं. यहां के 17 पंचायतों के साठ गांवों के लोगों को यहां से शिफ्ट होने के आदेश दिए गए हैं.

एसडीएम इन्दौरा सुरेन्द्र ठाकुर ने बताया कि 28 अगस्त को 1,10,000 क्यूसेक पानी पौग डैम से ब्यास नदी में छोड़ा जायेगा. उन्होंने बडुखर के निचले क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि गुरुवार को बारह बजे से पहले अपने घरो से निकल कर सुरक्षित स्थानों पर तले जाएं. उन्होंने कहा कि बेला ठाकरां में बनी धुस्सी नहर पानी के तेज बहावं में टूट जाती है तो निचले क्षेत्र को काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है.

मंड में बाढ़ जैसे हालात
लगातार डैम से पानी छोड़ने के चलते कांगड़ा के इंदौरा में अर्नी यूनिवर्सिटी में मंगलवार रात को सैलाब आ गया था और यहां से यूनिवर्सिटी के बच्चों का रेस्कयू किया गया, जिसमें 254 लडके और 164 लड़कियों को NDRF की टीम ने सुरक्षित निकाला इंदौरा में मंड सनोर, मंड घंड़रा में कुछ लोग बाढ़ के पानी में फसे होने की सूचना सनौर पंचायत के उपप्रधान जसविंदर चंदेल ने प्रशासनीय अधिकारी सुरेन्द्र ठाकुर को दी थी, जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए ठाकुरद्वारा उपतहसील के नायब तहसीलदार जयचंद ठाकुर की अगवाई में टीम को मंड सनोर, मंड घंड़रा में भेजा गया है. 15 लोगों का रेस्क्यू किया गया, जिसमें तीन बच्चे चार महिलाएं बुजुर्ग और पुरुष शमिल हैं.

डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बुधवार को अफसरों के साथ मीटिंग की और कहा कि कांगड़ा में 65 के करीब संपर्क मार्ग और 92 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं.इंदौरा उपमंडल में भारी बरसात के चलते करीब 820 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है इस समय करीब तीन रिलीफ कैंप इंदौरा उपमंडल में स्थापित किए गए हैं. डीसी ने बताया कि ने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को बड़ा भंगाल में राशन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.

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