Key Changes From 1st December: दिसंबर का महीना शुरू होने के साथ ही देश में कई बदलाव लागू कर दिये गए हैं. इनमें से कुछ नियम आपको राहत देंगे तो कुछ आपकी जेब पर भारी पड़ेंगे. गैस सिलेंडर के रेट हो या फिर लोन की ब्याज दरें ये बदलाव आपकी जेब पर असर डालने वाले हैं. इसके अलावा हवाई ईंधन के दाम में भी बदलाव किया गया है. आइए जानते हैं 1 दिसंबर से क्या-क्या बदल गया?
पहला बदलाव एलपीजी गैस सिलेंडर से जुड़ा हुआ है. हर बार की तरह इस बार भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में बदलाव किया गया है. राजधानी दिल्ली में इसकी कीमत 1590.50 रुपये से घटकर 1580.50 रुपये रह गई है. हालांकि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया. घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में पिछली बार 8 अप्रैल 2025 को कटौती की गई थी.
इंडियन ऑयल ने 1 दिसंबर की सुबह ATF के नए रेट जारी किये हैं. आज से दिल्ली में हवाई ईंधन यानी एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) का रेट बदलकर 864.81 डॉलर प्रति किलो लीटर हो गया. इसके अलावा कोलकाता में रेट 903.10 डॉलर प्रति किलो लीटर, मुंबई में 864.35 डॉलर प्रति किलो लीटर और चेन्नई में 859.89 डॉलर प्रति किलो लीटर की दर है.
तीसरा और अहम बदलाव 1 दिसंबर से सरकारी कर्मचारियों से जुड़ा हुआ है. दरअसल, इनके लिये यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को सिलेक्ट करने की डेडलाइन बीते 30 सितंबर से बढ़ाकर 30 नंबवर तय की गई थी. इसके अनुसार आज से कोई भी सरकारी कर्मचारी NPS से UPS में शिफ्ट नहीं हो सकेगा. यदि डेडलाइन बढ़ाई जाती है तो उन्हें इसका आगे मौका मिल सकता है.
हर साल की तरह इस साल भी पेंशन को जारी रखने के लिये लाइफ सर्टिफिकेट 30 नवंबर तक जमा करना था. यदि सरकार ने इसकी तारीख में किसी तरह का बदलाव नहीं किया तो 1 दिसंबर से पेंशनर्स अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा नहीं कर सकेंगे. दरअसल, हर साल इसकी डेडलाइन अधिकतर 30 नवंबर की ही होती है. यदि आपने अब तक भी जमा नहीं किया तो पेंशन में रुकावट आ सकती है.
दिसंबर के महीने में इस बार बंपर बैंक हॉलीडे (Bumper Bank Holidays) हैं. आरबीआई की बैंक हॉलीडे लिस्ट के अनुसार महीने की शुरुआत छुट्टी से ही हो रही है. दूसरे और चौथे शनिवार के अलावा रविवार के वीकली ऑफ को मिलाकर दिसंबर के महीने में कुल 17 दिन बैंकों में काम-काज नहीं होगा. ये बैंक हॉलीडे अलग-अलग राज्यों के हिसाब से अलग-अलग हैं.
आरबीआई की 3 से दिसंबर से शुरू होने वाली एमपीसी (MPC) में रेपो रेट को लेकर बदलाव किया जा सकता है. उम्मीद की जा रही है कि इस बार रिजर्व बैंक रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती करके लोगों को तोहफा दे सकता है. अगर कटौती होती है तो होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की ईएमआई में कमी आएगी.