Vaishno Devi Landslide News: जम्मू-कश्मीर के विभिन्न इलाकों में मूसलाधार बारिश हो रही है. खासकर जम्मू संभाग में हालात बहुत ज्यादा खराब हैं. फ्लैश फ्लड ने व्यापक पैमाने पर तबाही मचाई है. सड़क से लेकर घर-मकान तक बर्बाद हो गए हैं. माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भारी से बहुत भारी बारिश ने जमकर कोहराम मचाया है. अर्धकुंवारी के पास हुए लैंड स्लाइड से काफी नुकसान हुआ है. कई लोग इस हादसे के शिकार हुए हैं. दिल्ली बुराड़ी इलाके का एक परिवार भी अर्धकुंवारी हादसे का शिकार हो गया. दो साल के बेटे का मुंडन कराने गए माता-पिता की हसरत अधूरी रह गई. इस हादसे में उनकी मौत हो गई.
उत्तर दिल्ली के बुराड़ी से निकले 16 लोगों का परिवार (जो वैष्णो देवी के दर्शन को गया था) भयानक हादसे का शिकार हो गया. इस यात्रा का मकसद दो वर्षीय अयांश का मुंडन संस्कार और परिवार का पहला वैष्णो देवी दर्शन था, लेकिन वापसी से पहले ही एक लैंडस्लाइड ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया. इस यात्रा की जिम्मेदारी 40 साल के राजा ने उठाई थी. पेशे से माली रहे राजा अपनी पत्नी पिंकी (30), बेटियां दिपांशी (9) और आरोही (6), बेटे अयांश और अन्य 11 परिजनों के साथ 23 अगस्त को माता वैष्णो देवी की यात्रा के लिए निकले थे. रास्ते में राजा की मां राम कुमारी और छोटी बेटी आरोही को पालकी में आगे भेजा गया था. पीछे चल रहे अन्य सदस्य अचानक आए भूस्खलन चपेट में आ गए.
हादसे के वक्त राम कुमारी ने अपने नाती यश को फोन कर रोते हुए कहा, ‘बेटा, हादसा हो गया… मुझे कोई मिल नहीं रहा.’ यश ने टीवी पर खबरें देखते हुए पहली बार अपने घायल रिश्तेदारों को अस्पताल में देखा. तभी उसे अंदेशा हो गया कि परिवार का बड़ा हिस्सा अब इस दुनिया में नहीं रहा. अगले दिन कटरा पहुंचे यश को सबसे पहले अस्पताल में सिर्फ अयांश का नाम मिला जो ICU में भर्ती था. बाकी परिजनों की तलाश में उसे शवगृह तक जाना पड़ा. पहचान की प्रक्रिया बेहद दर्दनाक रही. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, यश ने बताया, ‘पिंकी भाभी को उनके लंबे बालों से पहचान लिया, दिपांशी को तुरंत पहचान गया. लेकिन, राजा मामा का चेहरा पूरी तरह कुचला हुआ था. आखिरकार उनके पैरों और अजीब-सी उंगलियों से उन्हें पहचान सका.’
मम्मी स्टार बन गई…
अब परिवार की हालत बदहवास है. बुराड़ी स्थित घर में सन्नाटा पसरा है. अयांश ICU में भर्ती है लेकिन उसकी हालत स्थिर है. छह साल की आरोही मासूमियत में कहती है, ‘मम्मी स्टार बन गई हैं.’ बुजुर्ग राम कुमारी खुद को दोषी मान रही हैं और नींद की दवाइयों के सहारे दिन काट रही हैं. इसी बीच, अजय का नया ई-रिक्शा (जो उन्होंने हाल ही में लोन पर खरीदा था) घर के बाहर खड़ा है. परिवार का कहना है कि अब अगली मुश्किल आर्थिक मोर्चे पर सामने आने वाली है. इस त्रासदी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि तीर्थ यात्राओं के दौरान सुरक्षा इंतज़ाम और भूस्खलन जैसे प्राकृतिक खतरों से निपटने की तैयारी कितनी पर्याप्त है.