पटना. बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की यात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं. जानकारी के मुताबिक, मकर संक्रांति के बाद यानी 14 जनवरी के बाद नीतीश कुमार अपनी प्रस्तावित बिहार यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं. इसे नीतीश कुमार की 16वीं यात्रा बताया जा रहा है, जिसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं.
यह यात्रा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री की पहली बड़ी राज्यस्तरीय यात्रा होगी. इस दौरान नीतीश कुमार विभिन्न जिलों में जाकर विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे. साथ ही विधानसभा चुनाव में भारी जनादेश देने के लिए मुख्यमंत्री राज्य की जनता के प्रति आभार भी व्यक्त करेंगे. बताया जा रहा है कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पिछली प्रगति यात्रा के दौरान किए गए वादों और लिए गए फैसलों की प्रगति की समीक्षा करना है.
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने बताया कि यात्रा के दौरान जिन योजनाओं का काम पूरा हो चुका है, उनका मुख्यमंत्री लोकार्पण करेंगे. वहीं जो योजनाएं लंबित हैं, उनकी समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे. इसके अलावा नीतीश कुमार की आम लोगों से सीधे संवाद करने की भी योजना है, जिसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है. मुख्यमंत्री की इस यात्रा को लेकर राज्य के सभी जिलों के डीएम और एसपी को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
विपक्ष ने सीएम की यात्रा को बताया स्टंट
एनडीए के नेता भी अपने-अपने स्तर पर मुख्यमंत्री के स्वागत की तैयारी में जुटे हुए हैं. हालांकि, नीतीश कुमार की इस प्रस्तावित यात्रा को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है. आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने इसे “विनाश यात्रा” करार देते हुए कहा कि सरकार सिर्फ दिखावटी कार्यक्रमों में व्यस्त है. बहरहाल, नीतीश कुमार की इस यात्रा को सत्ता पक्ष जहां विकास समीक्षा और जनसंवाद का माध्यम बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे सियासी स्टंट करार दे रहा है. आने वाले दिनों में यह यात्रा बिहार की राजनीति में कितना असर डालती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं.