‘मेरे पास पेन ड्राइव, सबूत खोल दिए तो…’ ED छापे के बाद भड़क उठीं ममता बनर्जी; अमित शाह पर लगाए आरोप

Mamata Banerjee accuses Amit Shah in coal scam: तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक सलाहकार संस्था I-PAC के दफ्तर पर ED के छापे के बाद से सीएम ममता बनर्जी मोदी सरकार पर बुरी तरह भड़की हुई हैं. अब उन्होंने मोदी सरकार, खासकर गृह मंत्री अमित शाह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा है कि उनके पास ऐसे पेन ड्राइव हैं, जिनमें कोयला घोटाले से जुड़ी अहम जानकारी मौजूद है. ममता का दावा है कि इस घोटाले से जो भी पैसा कमाया गया, वह आखिरकार अमित शाह तक पहुंचा. उन्होंने यह भी दावा किया कि यह पैसा बीजेपी के बंगाल से सांसद जगन्नाथ सरकार और बंगाल असेंबली में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के जरिए भेजा गया.

‘मेरे पास पेन ड्राइव है, पद की वजह से चुप’
कोलकाता में ED की कार्रवाई के खिलाफ TMC की तरफ से हुए बड़े प्रदर्शन में जमकर अपनी भड़ास निकाली. उन्होंने दावा किया, ‘मेरे पास पेन ड्राइव हैं. मैं अपने पद की गरिमा की वजह से अब तक चुप हूं. लेकिन मुझे ज्यादा मजबूर किया गया तो सब कुछ देश के सामने रख दूंगी. तब पूरा देश हैरान रह जाएगा.’ ममता बनर्जी ने सीधे-सीधे आरोप लगाया कि कोयला घोटाले का सारा पैसा अमित शाह को जाता है. उन्होंने बीजेपी नेताओं जगन्नाथ सरकार को ‘डकैत’ और शुभेंदु अधिकारी को ‘गद्दार’ बताया. साथ ही दावा किया कि अमित शाह तक पैसा पहुंचाने का काम यही दोनों लाड़ले करते हैं. सीएम ममता के मुताबिक पैसा पहले जगन्नाथ के पास जाता है. इसके बाद उसे शुभेंदु के जरिए अमित शाह तक पहुंचाया जाता है.

‘मैं देशहित में चुप रहती हूं वरना’

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राज्य में BSF और CISF जैसी केंद्रीय एजेंसियां मौजूद हैं. इसके बावजूद कोयले की तस्करी कैसे हो रही है. ममता ने कहा कि अगर केंद्रीय एजेंसियों ने उन पर और दबाव डाला तो वे सारे सबूत सार्वजनिक कर देंगी. मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए ममता ने कहा, ‘मैं देशहित में चुप रहती हूं, लेकिन अगर मैंने बोलना शुरू किया तो देश ही नहीं, दुनिया में हंगामा मच जाएगा.’

आखिर किस बात पर भड़कीं ममता?

बताते चलें कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक सलाहकार संस्था I-PAC के दफ्तर पर छापा मारा था. यह छापा कोयला घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में पड़ा. ED का कहना है कि इस केस में एक ऐसा संगठन सामने आया है जो अवैध तरीके से कमाए गए पैसों को छिपाने और इधर-उधर करने में लगा था. एजेंसी का दावा है कि उसी संगठन ने I-PAC के साथ करोड़ों रुपये के लेन-देन किए हैं.

जब I-PAC के दफ्तर पर ईडी की छापेमारी जारी थी, तभी सीएम ममता बनर्जी खुद पुलिस और अपने सहयोगियों के साथ पहुंच गईं. उन्होंने वहां से कुछ फाइलें और पेन ड्राइव अपने साथ ले लीं. साथ ही कहा कि इनमें उनकी पार्टी की चुनावी रणनीति से जुड़े बेहद संवेदनशील दस्तावेज हैं. ममता ने आरोप लगाया कि ED इन छापों के जरिए उनकी पार्टी को चुनाव से पहले नुकसान पहुंचाना चाहती है.