जयपुर. राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है. डोटासरा ने कहा कि कुछ विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस को केवल 2-3 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल हुई थी, वहां विशेष वर्ग के वोटों को काटने की कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने बताया कि जो लोग डबल इंजन सरकार से नाराज हैं, 60 साल से ऊपर के हैं, या जिनकी नौकरी राजीव गांधी के समय लगी थी, उनके वोट काटे जा रहे हैं.
डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा के बीएलए (Booth Level Agent) फर्जी हस्ताक्षर कर 10-15 हजार फॉर्म जमा करा रहे हैं. उनका कहना है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में भी इस तरह की मनमानी की जा रही है. उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा के नेता और मंत्री तक SDM को फोन करके धमकी दे रहे हैं, जिससे लोकतंत्र की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है.
वेबसाइट पर भी नहीं दिख रहा डेटा
उन्होंने कहा कि 14 जनवरी तक 1,40,000 वोट रजिस्टर किए जा चुके थे, और कांग्रेस ने इस खेल को रोकने की हरसंभव कोशिश की. झुंझनू में 13,182 फॉर्म वोट काटने के लिए तैयार किए गए, जबकि खेतड़ी में 1,478 फॉर्म शामिल थे. डोटासरा ने यह भी बताया कि अब वेबसाइट पर डेटा तक नहीं दिख रहा है, जबकि भाजपा के BLA खुद कह रहे हैं कि उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए. उनका कहना था कि यह लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश है.
भाजपा ने फर्जी वोट जोड़ने और घटाने का काम शुरू किया
डोटासरा ने SIR (Systematic Inspection Report) की जानकारी देते हुए कहा कि राजस्थान में अब तक 45 लाख वोट ASP (Active Service Personnel) पाए गए हैं. 15 जनवरी तक ऑब्जेक्शन मांगे गए थे. 3 जनवरी तक सिस्टम सही काम कर रहा था, लेकिन इसके बाद भाजपा के संगठन महासचिव बीएल संतोष ने इस पूरे एजेंडा को तय किया. डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने फर्जी वोट जोड़ने और घटाने का काम शुरू किया. 17 दिसंबर से जनवरी तक 16,000 वोट बढ़ाने और 5,694 वोट घटाने का आवेदन दिया गया. इसके अलावा 185 फॉर्म जोड़ने और 2 फॉर्म हटाने का आवेदन भी दिया गया.
भाजपा ने हर विधानसभा क्षेत्र में फर्जी फॉर्म प्रिंट करवाए
3 से 13 जनवरी के बीच भाजपा ने हर विधानसभा क्षेत्र में 10-15 हजार फर्जी फॉर्म प्रिंट करवाए और उन्हें सभी विधायकों और सांसदों को बांटा. डोटासरा ने चेतावनी दी कि यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है और उन्होंने इसे रोकने के लिए हरसंभव कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई करने की बात कही. उन्होंने कहा कि जनता की आवाज़ को दबाना और फर्जी वोटिंग कर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है.