हरियाणा में बिगड़े हालात, बाढ़ की चपेट में 11 जिले; हजारों एकड़ फसल डूबी

हिसार/पानीपत। हरियाणा इस मानसून सीजन की सबसे बड़ी आपदा से अब भी जूझ रहा है। प्रदेश के 11 जिलों में सीधे तौर पर बाढ़ का प्रभाव है। 11 शहर और 72 कस्बों में अब भी डगर पानी में डूबी है तो गांवों में विकट परिस्थितियों का आंकड़ा बढ़ रहा है। रविवार को कई हादसे भी हुए हैं। रोहतक में मकान ढहने से मलबे में दबकर महिला सुनहरी(38) की मौत हो गई।

पलवल में एक कबड्डी खिलाड़ी योगेश(25)की यमुना में डूबने से मौत हो गई। वहीं, कुरुक्षेत्र के गांव गोलपुरा में सुखविंद्र(27) की घर के पास ही जलभराव में डूबने से मौत हुई है। इनके अलावा हिसार के बरवाला कस्बे में मकान गिरा है। एक युवक प्रिंस घायल हुआ है उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया है।

हरियाणा में होने वाली उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की मीटिंग, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अध्यक्षता करनी थी, रद कर दी गई है। प्रदेश के हालातों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दूसरे दिन भी रविवार को फील्ड में उतरे हैं। उन्होंने फतेहाबाद, अंबाला और हिसार में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और राहत कार्यों की निगरानी की।

फरीदाबाद में बागपुर खादर में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। यहां सेना पहुंची है। सेना के जवानों ने पानी में उतरकर स्थिति का जायजा लिया। बहादुरगढ़ में मुंगेशपुर ड्रेन का तटबंध बांध सेना वापस चली गई है। लेकिन सेना के जाने के बाद ड्रेन एक अन्य जगह से टूट गई। सिरसा के गांव पनिहारी में घग्गर नदी में बांध टूटने के बाद करीब 1000 एकड़ क्षेत्र में पानी जमा हो गया है।

डबवाली-ऐलनाबाद रोड पर तेज आंधी और वर्षा में एक पेड़ श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो गाड़ी पर गिर गया, जिससे 17 वर्षीय हरविंदर गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं कैथल के फतेहपुर के पास सिरसा ब्रांच नहर में एक युवक बह गया।

रोहतक के पुराना हाउसिंग बोर्ड का दीपक यहां रिश्तेदारी में आया था। हिसार के 71 स्कूल बंद रहेंगे वहीं, अन्य जिलों में स्कूल बंद रखने पर डीसी और शिक्षा विभाग फैसला लेंगे। रविवार तक ही स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए थे।