Ketan Agarwal Murder Case: महाराष्ट्र के पुणे से सामने आए मशहूर रियल एस्टेट एजेंट केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक ऐसा सनसनीखेज मोड़ आया है, जिसने पुलिस प्रशासन समेत हर किसी को हैरान कर दिया है. लोहागढ़ किले की 350 फीट गहरी खाई में धकेल कर की गई केतन की हत्या की मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि उसकी अपनी मंगेतर सिया गोयल ही निकली. कस्टडी में हुई कड़ी पूछताछ के दौरान इस खौफनाक मर्डर मिस्ट्री की परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं.
जांचकर्ताओं के मुताबिक, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने के लिए एक-दूसरे पर कत्ल की साजिश रचने का आरोप मढ़ा था. लेकिन जब पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो दोनों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया. सिया ने कबूला कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और उसने केतन को सगाई तोड़ने के लिए भी कहा था.
लेकिन जब केतन ने सगाई तोड़ने से साफ इनकार कर दिया, तो सिया ने उसे हमेशा के लिए अपने रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बना डाला. पुलिस अधिकारियों ने जब उससे पूछा कि वे दोनों घर से भाग क्यों नहीं गए? तो आरोपी जोड़े का जवाब हैरान करने वाला था, उन्होंने कहा कि अगर वे भाग जाते तो समाज में उनके परिवारों की भारी बदनामी होती, इसलिए उन्होंने बदनामी से बचने के लिए मर्डर का रास्ता चुना.
ऐसे रची गई ‘परफेक्ट मर्डर’ की खौफनाक स्क्रिप्ट
पुणे रूरल पुलिस ने पूछताछ के आधार पर लोहागढ़ किले के उस विंचू काटा रिज पर हुए पूरे क्राइम सीन को रीकंस्ट्रक्ट किया है. पुलिस के मुताबिक, सिया और चेतन ने पहले से ही एक कोड-वर्ड और सिग्नल तय कर रखा था. प्लान के मुताबिक, सिया को किले की एक सुनसान जगह पर केतन के साथ बैठना था और जैसे ही वह बैठती, यह चेतन के लिए हमला करने का इशारा था.
18 जून को दोनों ने इस प्लान को ठीक वैसे ही अंजाम दिया. केतन इस बात से पूरी तरह अनजान था कि उसकी मंगेतर ही उसकी मौत का जाल बुन चुकी है. जैसे ही सिया केतन को लेकर विंचू काटा रिज के पास बैठी, पीछे से घात लगाकर आए चेतन चौधरी ने बिना मौका गंवाए केतन को 350 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया. केतन को संभलने या कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला और वह सीधे पत्थरों से टकराता हुआ नीचे जा गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
पहली कोशिश में झाड़ी पकड़कर बचा था केतन
इस हत्याकांड की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 18 जून को कामयाबी पाने से पहले सिया ने केतन को मारने की कई नाकाम कोशिशें की थीं-
31 मई: सिया केतन के साथ लोहागढ़ किले गई और मर्डर के लिए एक सुनसान जगह (विंचू काटा रिज) की पहचान की.
4 जून: दोबारा जाने का प्लान था, लेकिन केतन की मां के विरोध के बाद यह ट्रिप कैंसिल हो गई। इस बीच, 6 जून को सिया ने केतन का पासपोर्ट भी गायब कर दिया था ताकि वह देश से बाहर न जा सके.
14 जून: सिया ने केतन को एक चट्टान से नीचे धकेलने की कोशिश की थी, लेकिन किस्मत से केतन एक झाड़ी पकड़कर लटक गया और उसकी जान बच गई. शातिर सिया ने रोने का नाटक किया और केतन को यकीन दिला दिया कि यह सिर्फ एक हादसा था. केतन अपनी मंगेतर के इस झूठ को भांप नहीं सका और दोबारा उस पर भरोसा कर बैठा.
सीसीटीवी फुटेज और सबूतों ने खोला राज
14 जून के हादसे के ठीक चार दिन बाद यानी 18 जून को सिया दोबारा केतन को उसी जगह लाई और इस बार अपने लवर चेतन चौधरी के साथ मिलकर उसका काम तमाम कर दिया. शातिर चेतन ने पकड़े जाने से बचने के लिए उस दिन अपना मोबाइल फोन दुकान पर ही छोड़ दिया था और अपने एक कर्मचारी का फोन लेकर किले गया था.
हालांकि, पुणे के एक कैफे के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज ने दोनों की पोल खोल दी, जिसमें सिया और चेतन 31 मई से 4 जून के बीच कई बार खुफिया मुलाकातें करते दिखे थे. शुरू में पुलिस ने इसे पैर फिसलने से हुआ हादसा माना था, लेकिन फॉरेंसिक टीम और इनसाइड कड़ियों के जुड़ने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है.