बिहार की राजनीति में आए बड़े बदलाव, यानी नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने और राज्यसभा जाने की खबरों ने उत्तर प्रदेश की सियासत को भी गरमा दिया है. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को लगता है कि नीतीश कुमार के हटने से यूपी का कुर्मी वोट बैंक बीजेपी से छिटक सकता है.
अखिलेश यादव ने इसे ‘बिहार का आर्थिक और सियासी अपहरण’ करार दिया है. उन्होंने एक पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा और संकेत दिया कि अगला नंबर उत्तर प्रदेश का हो सकता है. अखिलेश की रणनीति साफ है. 2025 में जिस कुर्मी वोट बैंक ने सपा को मजबूती दी थी, उसे 2027 के लिए एकजुट करना. हालांकि, बीजेपी ने पहले ही पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर इस वोट बैंक को थामने की कोशिश की है, लेकिन नीतीश जैसे बड़े कुर्मी चेहरे का सत्ता से हटना अखिलेश के लिए एक बड़ा सियासी मुद्दा बन गया है.