Haryana Weather Update: हरियाणा में हीटवे का प्रकोप देखने को मिला. मगर अब मौसम एक बार फिर से करवट लेने वाला है. ऐसे में मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, एक अजीब और एकदम अलग मौसम पैटर्न में पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में मंगलवार से बहुत ज्यादा खराब मौसम देखने को मिलेगा. मौसम विभाग के मुताबिक कुछ जिलों में हीटवेव और कुछ में तेज हवाओं और बारिश के साथ आंधी-तूफान का संभावना है.
IMD के चंडीगढ़ सेंटर के अनुमान के मुताबिक सोमवार को दोनों राज्यों में ज्यादातर हीटवेव की स्थिति रही, लेकिन मंगलवार से मौसम अलग-अलग होना शुरू हो जाएगा. कई जिलों, खासकर दक्षिणी और पश्चिमी इलाकों में हीटवेव या रात में गर्म मौसम का सामना करने की संभावना है, जबकि उत्तरी और मध्य इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 40-60 kmph की रफ्तार से चलने वाली हवाओं का सामना करना पड़ सकता है.
मौसम विभाग के मुताबिक, एक ही दिन में हरियाणा के एक हिस्से के जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं, बिजली गिरने और बारिश की संभावना के लिए ऑरेंज अलर्ट हो सकता है, जबकि आसपास के इलाकों में येलो अलर्ट हो सकता है. यह दोहरी चेतावनी बुधवार और गुरुवार को भी जारी रहेगी और दोनों राज्यों में अलग-अलग जोन में असर रहेगा.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा पैटर्न आमतौर पर बदलाव के दौर में बनता है, जब आगे बढ़ते वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर उत्तर-पश्चिम भारत में पहले से मौजूद ज्यादा तापमान पर पड़ता है. IMD के अनुसार, हीटवेव की स्थिति और आंधी-तूफान जैसी कंवेक्टिव एक्टिविटी का इतने बड़े पैमाने पर एक साथ होना बहुत आम नहीं है, लेकिन मौसमी बदलावों के दौरान ऐसा हो सकता है.
बारिश की संभावना इस अंतर को और पक्का करती है, जिससे कई जिलों में कहीं-कहीं तो बारिश हो रही है, जबकि दूसरे जिले सूखे और गर्मी से परेशान हैं. हालांकि, 1 मई तक हालात स्थिर होने की उम्मीद है और ज्यादातर जिले ‘नो वॉर्निंग’ (ग्रीन जोन) में लौट आएंगे.
IMD ने लोगों, खासकर किसानों और बाहर काम करने वालों को सलाह दी है कि वे लोकल फोरकास्ट से अपडेटेड रहें, क्योंकि कम दूरी पर हालात तेजी से बदल सकते हैं. एक्सपर्ट्स ने यह भी चेतावनी दी है कि तेज हवाएं और बिजली गिरने से खड़ी फसलों और इंफ्रास्ट्रक्चर को खतरा हो सकता है, जबकि हीटवेव की स्थिति इंसानों की सेहत के लिए खतरा बनी हुई है.
IMD अधिकारियों ने कहा कि यह दुर्लभ ओवरलैप मौसम के पैटर्न में बढ़ते बदलाव को दिखाता है, जहां चरम स्थितियां अब स्पष्ट भौगोलिक या मौसमी सीमाओं तक सीमित नहीं हैं.