शिमला. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में तूफान ने चार महिला टीचरों की जान ले ली. हादसे के बाद मौके पर कोहराम मच गया. पहाड़ी से एक बड़ा चीड़ का पेड़ तूफान की वजह से टूटा औऱ फिर नीचे सड़क पर चलती बोलेरो गाड़ी पर काल बनकर गिरा. पेड़ के साथ बोलेरो फिर करीब 50 मीटर खाई में जा गिरी औऱ उसके परखच्चे उड़ गए.
दरअसल, कुल्लू जिले के आनी के शमशर-गुगरा मार्ग पर यह घटना पेश आई. इस बोलेरो में कुल छह महिला टीचर और चालक सवार थे. हादसे के ठीक बाद की एक वीडियो सामने आई है, जिसमें तीन गाड़ियां मौके पर नजर आ रही है. इसके अलावा, एक एचआरटीसी बस भी नजर आ रही है. वीडियो में एक शख्स कहता नजर आ रहा है कि भागो…पेड़ गिर रहे हैं.
शख्स सीटी बजाकर भी लोगों को आगाह कर रहा है. इस दौरान सबसे एक एचआरटीसी बस नजर आ रही है, जिसके चालक ने हादसे के मद्देनजर बस को बैक गियर पर भी सड़क पर पीछे की और दौड़ाया. इस दौरान कुछ लोग गाड़ियों को छोड़कर सड़क पर भागते हुए भी नजर आ रहे हैं. इस दौरान कुछ लोग घटनास्थल की तरफ भी दौड़ते नजर आ रहे हैं. सामने से इस वीडियो को लोगों ने बनाया है और कुछ घर भी यहां खड्ड के पार नजर आ रहे हैं.
स्कूल से लौट रही टीचर्स हुई हादसे का शिकार
इस घटना में पास ही के एक स्कूल की महिला टीचर्स काल का ग्रास बनी हैं. कुछ छह महिला टीचर्स इस बोलेरो में सवार थी. हादसे में मारी गई महिला टीचरों की पहचान हो गई है. इसमें स्नेह लता (38) पत्नी टीका नंद, गांव पारलीधार, डाकघर कमांद, तहसील आनी, बंती कौंडल पत्नी हेम दत्त, गांव लामीसेरी, आनी, उषा कुमारी (43) पत्नी मदन लाल, गांव तराला, डाकघर जाओं, तहसील आनी, सीमा आजाद (54) पत्नी जिया लाल आजाद, गांव रोपड़ी, डाकघर एवं तहसील आनी शामिल हैं, जबकि घायलों में चालक सुरेश चंद (42) पुत्र देश राज, गांव रोपड़ी, तहसील आनी, तारा देवी (47) पत्नी रविंद्र कुमार, गांव रोपड़ी, तहसील आनी, रीना कुमारी (40) पत्नी प्रेम सागर, गांव कटहेड़, डाकघर बनारला, तहसील सरकाघाट, जिला मंडी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि यह सभी महिला टीचर स्कूल की छुट्टी के बाद अपने अपने घर लौट रही थी. फिलहाल, पूरे हादसे से हिमाचल प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है.
गौरतलब है कि इस हादसे में पहाड़ी से पेड़ के भारी भरकम वजन गाड़ी पर गिरा और फिर बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क से 50 मीटर नीचे खेत में जाकर रुकी. हादसे में गाड़ी के परखच्चे उड़ गए. तस्वीरों में गाड़ी का पहचान करना भी मुश्किल हो गया.