Uttarakhand News: बीते दिनों कर्णप्रयाग में निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच हुई मारपीट के बाद रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारों में निहंगों ने विवाद खड़ा कर दिया था। चार दिन तक निहंग गुरुद्वारे की छत पर ही डटे रहे और सेवादारों को भी पकड़ा हुआ था। कार्रवाई की मांग लेकर आज निहंगों का जत्था दून कूच के लिए निकला था।
चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के विवाद के बाद तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। बृहस्पतिवार को करीब 200 निहंग सिखों के जत्थे ने चंडीगढ़ से हिमाचल प्रदेश की सीमा से उत्तराखंड में प्रवेश करने का प्रयास किया। पांवटा साहिब गुरुद्वारे में करीब दो घंटे तक प्रशासन, पुलिस और निहंग सिखों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। निहंग सिखों का जत्था कुल्हाल पुल पार कर चेकपोस्ट पर पहुंच गया।
पुलिस बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास करती रही, लेकिन वे हेमकुंड साहिब जाने की बात पर अड़े रहे और बैरिकेड तोड़कर दून पहुंच गए। उन्होंने दो डंपरों के शीशे तोड़ दिए। जत्था बल्लूपुर-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग से धर्मावाला की ओर बढ़ रहा है। कुछ निहंग सिख राष्ट्रीय राजमार्ग पर आगे बढ़ते हुए तलवारें भी लहरा रहे हैं। वहीं, चंडीगढ़ से रवाना हुआ निहंग सिखों के दूसरे जत्थे के भी पांवटा साहिब पहुंचने की सूचना है। उधर, चंडीगढ़ से कुछ और निहंग सिखों के उत्तराखंड कूच करने की सूचना आ रही है।
निहंग सिखों के विकासनगर के रास्ते उत्तराखंड में दाखिल होने की सूचना पर पुलिस सुबह से ही अलर्ट पर थी। कुल्हाल चेक पोस्ट और डाकपत्थर राज्य सीमा को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। पुलिस के साथ आईटीबीवी के कर्मचारी भी तैनात हैं। चेक पोस्ट पर बैरिकेडिंग कर हिमाचल प्रदेश की सीमा से आने वाले वाहन की जांच की जा रही थी। शाम करीब पांच बजे निहंग सिखों का जत्था पांवटा साहिब पहुंचा। यहां प्रशासन और पुलिस ने उन्हें रोक दिया। एसडीएम विनोद कुमार, एसपी देहात पंकज गैराला समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए। कुछ सिख पुलिस अधिकारी और सिपाही भी उनके साथ थे।
दो घंटे तक चली वार्ता विफल हुई
एसडीएम और एसपी देहात ने गुरुद्वारे में उनसे वार्ता की। लेकिन करीब दो घंटे तक चली वार्ता विफल हो गई। करीब 7.00 बजे निहंग सिख पांवटा साहिब से आगे बढ़ने लगे। करीब 7.30 बजे वे कुल्हाल चेक पोस्ट पर पहुंच गए। यहां पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग की हुई थी। सिख निहंगों ने बैरिकेडिंग से आगे बढ़ने की कोशिश। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर निहंग सिखों ने चेतावनी देते हुए कहा उन्हें कोई नहीं रोक सकता है। उन्होंने कहा वह किसी भी हाल में हेमकुंड साहिब की यात्रा पूरी करेंगे। उन्होंने कहा कि वह डाकपत्थर क्षेत्र से भी सीमा में घुसने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा जब उन्हें यात्रा शुरू नहीं करने दी जाती तब तक वे बैरिकेड नहीं हटने देंगे।
पुलिस निहंग सिखों को समझाने का प्रयास कर रही है। वहीं, जत्थे की अगुवाई कर रहे निहंग सिख जसदीप सिंह ज्ञानी ने बताया उनकी मांग है चारों निहंग सिखों पर दर्ज प्राथमिकी को वापस लिया जाएगा। निहंग सिख नहीं चाहते कि दो राज्यों के लोगों के बीच विवाद हो। वह विवाद समाप्त करना चाहते हैं। गलती उनकी नहीं लेकिन वह माफी भी मांगने के लिए तैयार है। खबर लिखने जाने तक निहंग सिख कुल्हाल पुल पर एकत्र हैं। एसपी देहात पंकज गैराला ने बताया निहंग सिखों से वार्ता चल रही है। शांतिपूर्ण ढंग उन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा है।