बेंगलुरु । परिवार ने लिव-इन-पार्टनर का विरोध किया, तो सोफ्टवेयर इंजीनियर इस हद तक गुस्से में आई गई कि अपनी मां, पिता और बहन का ही खून कर दिया। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है, जबकि उसका बॉयफ्रेंड फरार है। मामला बेंगलुरु के सीगेहल्ली इलाके का है। पुलिस जांच में सामने आया है कि लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर परिवार और श्वेता के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था।
लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर बढ़ता गया विवाद
पुलिस ने बताया कि श्वेता और केनेथ पिछले दो महीने से बेंगलुरु में एक किराए के फ्लैट में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। दोनों इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं। निजी कंपनी में काम कर रहे थे। परिवार को यह रिश्ता स्वीकार नहीं था। आए दिन श्वेता का मां मुथुलक्ष्मी से झगड़ा होता था।
30 लाख रुपये के कर्ज की भी जांच
जांच में यह भी सामने आया है कि श्वेता पर करीब 30 लाख रुपये का कर्ज था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस भारी भरकम कर्ज और लिव-इन-रिलेशनशिप को लेकर फैमिली में चल रहे विवाद के कारण मिल रहे तनाव ने आरोपी को इस खौफनाक कदम के लिए उकसाया।
डायरी से खुल रहे राज
घटना के बाद पुलिस को फ्लैट की तलाशी में श्वेता की एक निजी डायरी मिली। डायरी में ‘मैं दुखी हूं, ‘मैं अकेली हूं, ‘मैं डिप्रेशन में हूं’ और ‘मैं प्यार महसूस कर रही हूं’, ‘मैं सबसे श्रेष्ठ हूं’ जैसे मैसेज लिखे थे। इन नोट्स को पढ़कर जांच एजेंसियां उसकी मानसिक स्थिति को समझने की कोशिश में लगी हैं।
वारदात की रात क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार सोमवार रात बेहद खौफनाक थी। श्वेता पर खून सवार था। वह कैसे भी कर अपने परिवार का खात्मा करना चाहती थी। उसने सबसे पहले अपनी मां को निशाने पर लिया। चाकू से तेज वार किया। मां दर्द से चीखीं, तो छोटी बहन बचाने आई। उस पर भी चाकू से हमला कर दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पिता पर भी कई वार किए। वह गंभीर स्थिति में भी किसी तरह घर से बाहर निकलकर पड़ोसियों से मदद मांगने लगे। उनको तुरंत ही अस्पताल लेकर गए, जहां उनकी भी मौत हो गई।
एक गिरफ्तार, दूसरा आरोपी फरार
वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर श्वेता को पुडुचेरी रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसका साथी केनेथ अभी भी फरार है। उसे पकड़ने के लिए विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, दस्तावेज, कॉल डिटेल और गवाहों के बयान जुटाकर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है। जांच एजेंसियों ने कहा कि सभी साक्ष्यों की जांच करने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।