मुजफ्फरनगर। आगरा से करोड़ो रुपये की नकली दवा सप्लाई का मामला सामने आने के बाद औषधि प्रशासन सतर्क है। सोमवार को जिला परिषद मार्केट में दो दवा एजेंसियों पर छापा मारा। दवाइयों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए।
जिला परिषद मार्केट से आसपास के जनपदों सहित हरियाणा और उत्तराखंड तक दवा की सप्लाई की जाती है। एक माह पहले आगरा में बड़े पैमाने पर नकली दवा का कारोबार पकड़ में आने के बाद जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि जनपद के गांधी कॉलोनी निवासी दवा कारोबारी तरुण गिरधर ने आगरा से लाकर करीब 3.5 करोड़ रुपये की नकली एंटी एलर्जिक दवा एलेग्रा जनपद में खपा दी।
दवाइयां किन एजेंसियों पर सप्लाई की गई, इसकी जांच पुलिस कर रही है। लेकिन जनपद में नकली दवा की सप्लाई साबित होने के बाद से औषधि प्रशासन विभाग सक्रिय है। सोमवार को औषधि निरीक्षक पवन कुमार शाक्य ने जिला परिषद मार्केट में दो मेडिकल एजेंसियों पर जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि आशीष मेडिकोज से नोबेल और निकोप टैबलेट्स और गोयल मेडिसिन डिस्ट्रीब्यूटर्स से फैक्जीन कैप्सूल और डेरीफायलिन रिटार्ड का एक-एक सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया।
उन्होंने बताया कि अभी कई अन्य मेडिकल एजेंसियों पर छापेमारी कर जांच की जाएगी। सहारनपुर के जिला औषधि निरीक्षक राघवेंद्र सिंह भी विशेष जांच में शामिल रहे।