सतना: धर्मनगरी चित्रकूट में लगातार दूसरी रात हजारों लोगों को भीषण गर्मी और उमस के बीच ‘ब्लैकआउट’ का सामना करना पड़ा। पहले तो प्रकृति की मार से बिजली व्यवस्था ठप हुई थी, लेकिन जब बिजली कर्मचारियों ने घंटों की मशक्कत के बाद सप्लाई बहाल की, तो तीन रसूखदारों ने पूरे शहर की बत्ती गुल करवा दी। आरोप है कि अपने घर की बिजली गुल होने से नाराज एक जज साहब ने सब-स्टेशन पहुंचकर जबरन पूरे चित्रकूट की बिजली आपूर्ति बंद करवा दी, जिससे रातभर आम जनता पानी और हवा के लिए तरसती रही।
16 घंटे बाद आई थी लाइट
विद्युत कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात करीब एक बजे तेज अंधड़ आया था, जिससे पेड़ और पोल गिरने के कारण पूरे चित्रकूट की बिजली ठप हो गई थी। बिजली विभाग के अमले ने दिनभर कड़ी मशक्कत की और करीब 16 घंटे बाद शुक्रवार की शाम 5:45 बजे शहर की बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। लेकिन, आम लोगों को मिली यह राहत कुछ ही मिनटों की साबित हुई।
जब तक मेरा घर नहीं चमकेगा, पूरा शहर अंधेरे में रहेगा
आरोप है कि बिजली बहाल होने के कुछ ही देर बाद तीन लोग रजौला स्थित ’33/11 केवी’ सब-स्टेशन धमक पड़े। सब-स्टेशन पर तैनात ऑपरेटर पंकज सेन का दावा है कि इन लोगों में एक स्थानीय जज साहब भी शामिल थे। ऑपरेटर के मुताबिक, जज साहब ने सब-स्टेशन पहुंचते ही रौब दिखाना शुरू कर दिया और कहा कि जब तक उनके बंगले की बिजली ठीक नहीं होगी, तब तक पूरे शहर की बिजली चालू नहीं होने दी जाएगी।
ऑपरेटर को धमकाया, सब-स्टेशन पर डाला डेरा
शिकायत के अनुसार, रसूखदारों ने ड्यूटी पर तैनात ऑपरेटर पंकज सेन को बुरी तरह धमकाया और उसकी सरकारी शिकायत या उच्च अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिशों को नाकाम करने के लिए उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया। इसके बाद वे सब-स्टेशन के भीतर ही बैठ गए और दबाव बनाकर रजौला फीडर से पूरे शहर की बिजली आपूर्ति दोबारा बंद करवा दी। नतीजा यह हुआ कि चंद मिनट पहले रोशनी से नहाया चित्रकूट एक बार फिर अचानक गहरे अंधेरे में डूब गया।
सिस्टम लाचार, जनता बेहाल
इस मनमानी के कारण लगातार दूसरी रात चित्रकूट की जनता भीषण गर्मी, मच्छरों के आतंक और उमस से बेहाल रही। रात में बिजली गुल होने का असर शनिवार सुबह पानी की सप्लाई पर भी पड़ा, जिससे लोगों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। एक तरफ जहां मामूली फाल्ट सुधारने के लिए बिजली कर्मचारी रात-दिन एक कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह कानून और व्यवस्था को हाथ में लेकर हजारों लोगों को प्रताड़ित करने का यह मामला अब पूरे अंचल में चर्चा और आक्रोश का विषय बन गया है। विद्युत कंपनी के आला अधिकारी इस मामले में कानूनी कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं।