बिहार की सम्राट चौधरी कैबिनेट बैठक में 13 प्रस्ताव मंजूर, इन फैसलों से जनता को मिलेगा सीधा लाभ

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में 13 महत्वपूर्ण एजेंडों को मंजूरी दी गई. बैठक में स्वास्थ्य, बिजली, उद्योग, रोजगार और महिला एवं बाल विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, जिनका सीधा लाभ आम लोगों को मिलने की उम्मीद है.

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से इलाज के लिए मिलने वाली सहायता की आय सीमा बढ़ाने का फैसला किया है. अब इस योजना का लाभ उन परिवारों को भी मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 4 लाख रुपये तक है. पहले यह सीमा ढाई लाख रुपये थी. सरकार का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर अधिक परिवारों को इलाज में मदद मिल सकेगी.

कैमूर में बनेगा डेयरी और दुग्ध उत्पादन संयंत्र
कैमूर जिले के मोहनियां अंचल के दादर मौजा में लगभग 7 एकड़ सरकारी जमीन डेयरी एवं दुग्ध उत्पादन संयंत्र की स्थापना के लिए उपलब्ध कराई गई है. इस परियोजना से क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.

बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के निपटारे के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम का गठन किया जाएगा. इससे बिजली से जुड़ी शिकायतों का समाधान पहले से अधिक तेजी से हो सकेगा. रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए औरंगाबाद जिले के नबीनगर में नया औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) स्थापित करने की मंजूरी दी गई है. इससे युवाओं को तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे.

सीडीपीओ भर्ती और डॉक्टरों को एनओसी पर फैसला
कैबिनेट ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) के रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है. इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के तहत कार्यरत चिकित्सकों और दंत चिकित्सकों को उच्च शिक्षा तथा अन्य निर्धारित उद्देश्यों के लिए कुछ शर्तों के साथ अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने संबंधी प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई. सरकार का मानना है कि इन फैसलों से स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार सृजन और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी.