हिमाचल पंचायत चुनाव की रंजिश में पत्थरबाजी के बाद घर-गौशाला फूंकी, पूर्व प्रधान समेत 11 पर FIR, फोर्स तैनात

चम्बा. हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चुराह उपमंडल की आयल पंचायत के खजराला गांव में चुनावी रंजिश में घर और गोशाला को आग लगा दी गई. इस मामले में पूर्व प्रधान समेत 11 लोगों पर केस दर्ज किया गया है और आरोप है कि उपद्रवियों ने पथराव भी किया और पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है. हालांकि, अब अग्निकांड की घटना ने अब नया मोड़ लिया है. आग लगने से गौशाला और बाड़ा पूरी तरह जलकर राख हो गए. हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि या पशुधन का नुकसान नहीं हुआ.

पहाड़ी क्षेत्र होने तथा मोबाइल नेटवर्क की कमी के कारण समय पर सूचना नहीं मिल पाई. वहीं दुर्गम क्षेत्र होने के चलते अग्निशमन विभाग की गाड़ियां भी मौके तक नहीं पहुंच सकीं, जिसके कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका और दोनों ढांचे पूरी तरह जल गए.घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई. स्थानीय स्तर पर यह आशंका जताई गई कि पशु तस्करी के आरोपों और हाल ही में हुए पंचायत चुनाव में मतदान को लेकर उपजे विवाद के चलते कुछ लोगों ने आगजनी की वारदात को अंजाम दिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामला दर्ज किया है. साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीसा और आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त पुलिस बल तथा चम्बा से रिजर्व पुलिस भी तैनात की गई है.

इधर, जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताते हुए चम्बा मुख्यालय में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में उन्होंने दावा किया है कि उन पर झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है. उनका कहना है कि खजराला गांव की सीमा जम्मू-कश्मीर से लगती है और क्षेत्र में लंबे समय से पशु तस्करी की घटनाएं होती रही हैं. कई बार लोगों के मवेशी चोरी कर सीमा पार ले जाने के प्रयास किए गए हैं, जिसकी शिकायत पुलिस प्रशासन को भी दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

ज्ञापन सौंपने वाले लोगों का आरोप है कि हाल ही में उन्होंने दो संदिग्ध व्यक्तियों को पशु चोरी करते हुए देखा था. उनका कहना है कि पकड़े जाने के डर से उन्हीं लोगों ने अपनी गौशाला और बाड़े में आग लगाकर उन्हें फंसाने की साजिश रची है. उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

सरोगा के रहने वाले शिकायकर्ता बखतू खान ने आऱोप लगाया है कि दो जून की रात करीब आठ उपद्रवियों की भीड़ ने उनके मकान पर पहले पथराव किया और फिर आग लगा दी और उनके परिजनों ने भाग कर जान बचाई. उधर, डीसी दफ्तर के बाहर दूसरे पक्ष ने कहा कि पिछले साल भी विवाद में हमारे 76 लोगों पर केस दर्ज किया गया था. अब हमारे ऊपर केस दर्ज किया गया है. हमारी आवाज दबाई जा रही है. वह कहते हैं कि पशु चोरी किए गए और अब हमें फंसाने के लिए केस दर्ज करवाया गया है.

एसपी चम्बा विजय सकलानी ने बताया कि आयल पंचायत से आगजनी का मामला सामने आया है, जिसमें कुछ लोगों पर आग लगाने के आरोप लगाए गए हैं और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों के बाद इस प्रकार की घटना सामने आई है, इसलिए किसी भी तरह का विवाद बढ़ने से रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने या किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्य जुटाए जा रहे हैं.