शिमला में दोपहर 1 बजे के बाद भारी बारिश और ओलावृष्टि, तापमान में गिरावट; जानें अपडेट

शिमला: Himachal Weather Alert: हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने करवट ले ली है। रोहतांग दर्रे और लाहौल घाटी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, जबकि मनाली और कुल्लू घाटी में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में अंधड़ और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में 6 जून तक मौसम खराब रहने की संभावना है।

वीरवार को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में दोपहर को भारी बारिश हुई। बारिश के साथ काफी ओलावृष्टि भी हुई। वहीं, बदले मौसम के बीच बुधवार को रोहतांग दर्रे, लाहौल घाटी के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हुई। मनाली समेत पूरी कुल्लू घाटी में झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग ने वीरवार को पांच जिलों में अंधड़, ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। लाहौल के कोकसर और इसके आसपास के क्षेत्रों में भी तेज बारिश हुई।

राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। वीरवार के लिए कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए अंधड़ और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। बुधवार को कुल्लू की ऊझी घाटी के साथ रोहतांग दर्रा व लाहौल घाटी में मौसम ने करवट ली। दोपहर बाद रोहतांग में बर्फबारी होने से पर्यटकों ने सुहाने मौसम को आनंद लिया और बारिश और बर्फ का लुत्फ उठाया। मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में बुधवार को मौसम साफ रहा। हालांकि तापमान में बहुत अधिक बढ़ोतरी नहीं हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से प्रदेश में छह जून तक मौसम खराब बना रहेगा। सात जून से धूप खिली रहने की संभावना है। देहरा गोपीपुर और पांवटा साहिब में मंगलवार रात को न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। शिमला में पारा 15.8, धर्मशाला में 17.6, ऊना में 21.8, नाहन में 18.7, सोलन में 17.0, मनाली में 15.0, कांगड़ा में 22.0, मंडी-चंबा में 19.3 और बिलासपुर में 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

हिमाचल में कहां होगी बारिश, बर्फबारी.. बताएगा जम्मू
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में मौसम की सटीक जानकारी और प्राकृतिक आपदाओं की समय रहते चेतावनी देने के लिए जम्मू में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) शुरू किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह पांच जून को सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन में आयोजित कार्यक्रम में औपचारिक शुरुआत करेंगे। नया केंद्र अत्याधुनिक मौसम निगरानी प्रणाली, डॉप्लर वेदर रडार और ऑटोमेटिक वेदर स्टेशनों के नेटवर्क से जुड़ा होगा। भारी बारिश, बर्फबारी, बादल फटना, आंधी, हिमस्खलन जैसी घटनाओं की ज्यादा सटीक जानकारी मिल सकेगी।