नई दिल्ली। राजस्थान के झालावाड़ और बूंदी के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की नाबालिग बच्चियों को मुंबई के डांस-बारों में काम दिलाने के बहाने देह व्यापार के लिए 2 साल से 10 साल की बच्चियों की खरीद-फरोख्त के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है।
झालावाड़ पुलिस ने मुंबई पुलिस के सहयोग से से 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 लड़कियों को बरामद किया है। इनमें 8 नाबालिग हैं। झालावाड़ और टोंक में सक्रिय दलाल बस्तियों में रह रहे कमजोर परिवारों को चिह्नित करते हैं। फिर उनकी नाबालिग बच्चियों को मुंबई के डांस बार में काम दिलाने के बहाने 25 से 35 लाख रुपए में खरीद लेते।
स्टांप पर लिए गए माता-पिता के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान
हद तो यह कि पैसे देने से पहले लड़की के माता-पिता से एक स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए लेते हैं। इस पर लिखा होता है कि यदि ‘आपकी बच्ची वहां से भाग जाती है, तो आपको पूरे पैसे लौटाने होंगे। इसके अलावा लड़की की मौत होने या उसके द्वारा आत्महत्या करने पर ही यह कर्जा तो माफ हो जाएगा, लेकिन कानूनी कार्रवाई नहीं कर सकेंगे। मुक्त कराई गई बच्चियों में से 5 टोंक की और 4 झालावाड़ की रहने वाली हैं।
झालावाड़ एसपी अमित बुढ़ानिया ने बताया कि पुलिस ने बस्तियों से इनपुट लिए। जांच में पता चला कि कुछ बच्चियों को बाहर भेजा गया है, लेकिन परिजन रिपोर्ट दर्ज नहीं करा रहे। फिर महिला अपराध अनुसंधान सेल के एडिशनल एसपी भागचंद के नेतृत्व में एसआईटी बनी। सोशल मीडिया अकाउंट्स ट्रेस किए। इसी बीच, मुंबई पुलिस ने पीटा के तहत कुछ बच्चियों को नारी निकेतन भेजा था।