फिर छिडी जंगः अमेरिका-ईरान के एक-दूसरे पर हमले, भारी तबाही

तेहरान। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि बुधवार को ईरान के दक्षिणी इलाकों में अमेरिकी हमलों के जवाब में उन्होंने बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट पर ड्रोन से हमला किया। साथ ही बताया कि जॉर्डन में अमेरिकी बेस को मिसाइल हमले से निशाना बनाया।

एक बयान में गार्ड्स ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका की आक्रामकता इसी तरह से जारी रही तो और भी कड़ा जवाब दिया जाएगा। गार्ड्स ने कहा कि अमेरिकी हमलों से ईरान के सिरिक बंदरगाह शहर में एक टेलीकम्युनिकेशन टावर और पानी की दो टंकियों को नुकसान पहुंचा।

‘झूठे बहाने बनाकर किए हमले’
आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान में कई जगहों पर (जास्क, सिरिक और केशम शामिल हैं) झूठे बहाने बनाकर हमले किए। ईरानी मीडिया के अनुसार, गार्ड्स ने एक बयान में कहा, “युद्ध-प्रेमी अमेरिकी सरकार ने आज सुबह-सुबह झूठे बहाने बनाकर जास्क, सिरिक और केशम में कई जगहों पर हमला किया। इसके बाद सिरिक में एक टेलीकम्युनिकेशन मास्ट को नुकसान पहुंचा और शहर में पानी की दो टंकियां नष्ट हो गईं।”

बहरीन ने क्या कहा?
इस दौरान बहरीन ने मिसाइल अलर्ट सायरन बजाए। बहरीन के गृह मंत्रालय ने लोगों से सुरक्षित जगह पर जाने को कहा। बहरीन, सऊदी अरब के तट के पास फारस की खाड़ी में स्थित एक द्वीप देश है।

अमेरिका बोला- आत्मरक्षा में किए हमले
वहीं, यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के बाद 9 जून को उसने ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा में हमले किए।

एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में CENTCOM ने कहा कि उसकी सेनाओं ने कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर सटीक हमले किए। बयान में कहा गया है, “CENTCOM की फोर्स ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी एयर डिफेंस, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और सर्विलांस रडार साइटों पर यूएस एयर फोर्स और नेवी के फाइटर जेट से सटीक हथियारों के जरिए हमला किया। यह ऑपरेशन यूएस फोर्स और इलाके के पानी से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल जहाजों पर हाल ही में हुए हमलों का एक आनुपातिक जवाब था।”

इसमें आगे कहा गया, “अमेरिकी सेना सतर्क है और ईरान की अनुचित आक्रामकता से बचाव के लिए तैयार है।” यह ऑपरेशन तब हुआ जब अमेरिका ने ईरान पर कई बार हमले किए। अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में हुई हेलीकॉप्टर की घटना के बाद इन हमलों को आत्मरक्षा में किए गए हमले और ईरान की अनुचित आक्रामकता का उचित जवाब बताया। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने हेलीकॉप्टर गिराए जाने के लिए तेहरान की सेना को जिम्मेदार ठहराया और जबरदस्त जवाब देने का वादा किया था।