छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने से मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के 14 प्रमुख जिलों के लिए नाउकास्ट (तत्काल पूर्वानुमान) जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। अगले कुछ घंटों के भीतर राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की प्रबल संभावना है।
सिनाप्टिक सिस्टम और मानसून की स्थिति
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक बना हुआ है। इसके अलावा, पंजाब से बिहार तक हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होकर एक द्रोणिका (ट्रफ लाइन) गुजर रही है। इन प्रणालियों के प्रभाव से अगले 4-5 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और बंगाल की खाड़ी के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ और भागों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो गई हैं।
आने वाले दिनों में मौसम का रुख और कड़ा हो सकता है। बुधवार के लिए जारी चेतावनी के मुताबिक, प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। इसके दो दिनों बाद, हवा की गति बढ़कर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। जहां एक तरफ बारिश और आंधी का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ कुछ जिलों में भीषण गर्मी का प्रकोप भी बरकरार है। पिछले 24 घंटों में राजनांदगांव 43.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रायपुर में आंशिक बादल छाए रहने के साथ उमस भरी गर्मी का अहसास होगा।