Puja Temple Vastu Tips: कई बार घर में जगह पर्याप्त ना होने की वजह से बेडरूम में पूजा-मंदिर लगाने की स्थिति आ जाती है. ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह प्रश्न उठता है कि क्या जगह की कमी की वजह से बेडरूम में पूजा-मंदिर रखा जा सकता है. कई घरों में ऐसा देखा गया है कि लोग बेडरूम में पूजा-मंदिर को स्थापित कर देते हैं.
वास्तु शास्त्र में पूजा-मंदिर से जुड़े खास नियम और सावधानियों का जिक्र किया गया है. अगर वास्तु के अनुकूल घर में पूजा-मंदिर स्थापित किया जाए, तो देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती रहती है. जबकि, वास्तु नियम के विरुद्ध पूजा का मंदिर होना सही नहीं होता. आइए, जानते हैं कि घर में पूजा-मंदिर स्थापित करने को लेकर वास्तु शास्त्र क्या कहता है.
बेडरूम में पूजा-मंदिर रख सकते हैं या नहीं
वास्तु शास्त्र के अनुसार, हर स्थान का अलग-अलग महत्व होता है. जिस प्रकार सूर्य की दिशा में पूजा-पाठ से जुड़े कार्य शुभ माने जाते हैं, उसी तरह बेडरूम भी पूजा-मंदिर के लिए उपयुक्त स्थान नहीं है. लेकिन, अगर बेडरूम में पूजा-मंदिर लगाना बहुत अनिवार्य हो जाए, तो इस स्थति में पूर्व या पूर्व-उत्तर (ईशान कोण) में रखना ज्यादा उपयुक्त है.
क्यों नहीं रखना चाहिए बेडरूम में पूजा-मंदिर?
वास्तु नियम के मुताबिक, हर जगह की खास ऊर्जा होती है. ऐसे में अगर बेडरूम में पूजा-मंदिर रखा जाता है, तो दोनों की ऊर्जा आपस में टकरा जाती है. इसकी वजह से वास्तु दोष उत्पन्न होता है. इसलिए वास्तु के जानकार बेडरूम में पूजा-मंदिर लगाने से बचने की सलाह देते हैं.
घर में कहां-कहां रख सकते हैं पूजा-मंदिर
वास्तु शास्त्र का नियम कहता है कि दैनिक पूजा-पाठ के लिए अलग स्थान होना चाहिए. अगर किन्हीं वजहों से ऐसा नहीं हो सके, तो घर के बीच भाग (हॉल) में लगाया जा सकता है. यहां भी लगाने से पहले उचित दिशा का ध्यान रखना होगा. पूर्व, उत्तर या पूर्व-उत्तर का कोना (ईशान कोण) पूजा-पाठ से जुड़े कार्यों के लिए उपयुक्त माना गया है.